Prime Minister Narendra Modi during a cabinet meeting amid reshuffle speculation

मानसून सत्र से पहले मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा

मोदी कैबिनेट में जल्द हो सकता है बड़ा फेरबदल! मानसून सत्र से पहले नए चेहरों को मिल सकती है जिम्मेदारी”

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, सरकार या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

सूत्रों का दावा है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को बीजेपी के संगठनात्मक बदलावों के साथ जोड़ा जा सकता है।

पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में नई टीम की घोषणा के साथ ही कुछ केंद्रीय मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव माना जा रहा है। पार्टी के युवा नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारियां दिए जाने की भी चर्चा है।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व ने कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ भी विचार-विमर्श किया है।

संभावना जताई जा रही है कि कुछ मौजूदा मंत्री संगठन में भेजे जा सकते हैं, जबकि संगठन के कुछ पदाधिकारियों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। कुछ मंत्रालयों के प्रभार में भी बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी चर्चाओं में है। नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और शिक्षा मंत्रालय से संबंधित अन्य मुद्दों के बाद उनके मंत्रालय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि, उनके संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

संसद का मानसून सत्र सामान्यतः जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो इसकी घोषणा उससे पहले की जा सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित विदेशी दौरों और व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए अंतिम समय का फैसला शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को मंत्रिमंडल में अधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है।

क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर नए चेहरों को अवसर दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

बीजेपी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ सिद्धांत के तहत संगठन और सरकार में दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे कुछ नेताओं की भूमिका में भी बदलाव हो सकता है।

इसके अलावा राज्यसभा सदस्यों और आगामी राज्यपाल नियुक्तियों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हालिया मुलाकात के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।

हालांकि, अधिकारियों ने इन बैठकों को सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी महत्वपूर्ण फैसलों को अंतिम समय तक गोपनीय रखते हैं, इसलिए किसी भी संभावित फेरबदल की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही मानी जाएगी।

फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।