Animal Husbandry Awareness Month 2026

12 लाख किसानों से सीधा संवाद: पशुपालन मंत्री प्रो. बघेल ने की ‘वर्चुअल महापंचायत’; बोले- “विकसित भारत की नींव हैं हमारे पशुपालक”

“केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक वर्चुअल जागरूकता शिविर की अध्यक्षता की”

नई दिल्ली: “The Politics Again”  संतोष सेठ की रिपोर्ट 

यह कार्यक्रम देश भर में चल रहे “पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह” (14 जनवरी – 13 फरवरी 2026) के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया।

डिजिटल क्रांति: 2500 केंद्रों से जुड़े 12 लाख किसान

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी डिजिटल पहुंच रही। 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 12 लाख से अधिक पशुपालकों ने 2500 साझा सेवा केंद्रों (Common Service Centers – CSC) के माध्यम से इसमें हिस्सा लिया। यह ग्रामीण भारत को डिजिटल माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने का एक बड़ा उदाहरण है।

मंत्री का संदेश: ग्लोबल लीडर है भारत

प्रो. बघेल ने अपने संबोधन में कहा, “पशुपालक भाई-बहन माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने में सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं।”

  • उपलब्धि: उन्होंने गर्व से बताया कि विश्व के कुल दुग्ध उत्पादन में भारत का योगदान 25% है।

  • पहल: मंत्री ने ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’, ‘लिंग-विभाजित वीर्य’ (Sex-Sorted Semen) तकनीक और राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियानों की सराहना की। उन्होंने किसानों से पशु बीमा कराने और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील की।

विशेषज्ञों की राय: ‘जूनोटिक’ बीमारियों से रहें सावधान

विभाग के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने एक गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने ‘जूनोटिक रोगों’ (पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियां) के खतरों पर बात की।

साथ ही, उन्होंने एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से निपटने के लिए ‘एथनो वेटरनरी मेडिसिन’ (पारंपरिक पशु चिकित्सा) को अपनाने पर जोर दिया।

सीधी बात

सत्र के दौरान मंत्री ने किसानों के साथ सीधा संवाद भी किया, उनकी समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं पर उनके संदेह दूर किए।

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