मानसून: पहाड़ो में भूस्खलन से तबाही, मैदानी इलाकों में बारिश पर ब्रेक
देश में मानसून के दो रूप: पहाड़ों पर बादल फटने और भूस्खलन से तबाही, मैदानी इलाकों में थमी बारिश; पढ़ें मौसम का पूरा हाल”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) का असर अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मानसून की रफ्तार थम गई है और लोग उमस से बेहाल हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बादल फटने और भूस्खलन (Landslide) की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है।
पहाड़ों पर कुदरत का कहर: J&K में बादल फटा, उत्तराखंड में 126 सड़कें बंद
पहाड़ी राज्यों में नदियां उफान पर हैं और लगातार हो रहे भूस्खलन से रास्ते बंद हो रहे हैं:
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जम्मू-कश्मीर: शनिवार रात पहलगाम में अचानक बादल फटने से भीषण बाढ़ आ गई। कई घरों में पानी भर गया, खेत डूब गए और सड़कें पूरी तरह बह गईं।
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उत्तराखंड: विकासनगर में भारी बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें कई गाड़ियां और भारी मशीनें मलबे में दब गईं। पूरे प्रदेश में 126 सड़कें बंद हैं।
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केदारनाथ यात्रा बाधित: रुद्रप्रयाग में केदारनाथ हाईवे पर पहाड़ का मलबा आ गिरने से यात्रा बाधित हो गई है। प्रशासन युद्धस्तर पर मलबा हटाने में जुटा है।
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देहरादून और यमुनोत्री का हाल: देहरादून में दीवार गिरने से एक महिला घायल हो गई और 7 परिवारों को घर खाली करना पड़ा। वहीं, स्यानचट्टी में लैंडस्लाइड की वजह से यमुनोत्री हाईवे पिछले तीन दिनों से बंद है।
पुणे और वायनाड हादसों में मौत का आंकड़ा बढ़ा
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पुणे (महाराष्ट्र): मोशी स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट में इमारत गिरने के हादसे में रविवार तड़के आखिरी लापता व्यक्ति का शव भी बरामद कर लिया गया।
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इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन अब समाप्त कर दिया गया है।
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वायनाड (केरल): पिछले दिनों हुए भीषण भूस्खलन स्थल से बचाव दल ने एक और शव बरामद किया है।
मैदानी इलाकों में क्यों रूठा मानसून? पाकिस्तान की हवाओं का असर
पहाड़ों के विपरीत, उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां एकदम कमजोर पड़ गई हैं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इसके पीछे मुख्य कारण पाकिस्तान की ओर से आ रही गर्म और सूखी पश्चिमी हवाएं हैं।
वातावरण में नमी कम होने के कारण बादल नहीं बन रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अपेक्षित बारिश नहीं हो रही है और लोगों को भारी उमस व गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून को सक्रिय रखने वाला सिस्टम पड़ा कमजोर
IMD के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने की सबसे बड़ी वजह मानसून सिस्टम का कमजोर पड़ना है।
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9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत ‘लो-प्रेशर सिस्टम’ (Low-Pressure System) नहीं बना।
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मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है।
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हालांकि, प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया, तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।
IMD का अलर्ट: इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Floods) का अलर्ट जारी किया है।
रविवार को मुंबई के मरीन ड्राइव पर समुद्र में ऊंची लहरें (High Tide) उठती देखी गईं। इसके अलावा असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी यूपी, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।











