डेंगू मलेरिया रोकथाम प्लान

डेंगू-मलेरिया रोकथाम : स्वास्थ्य मंत्रालय का मास्टरप्लान तैयार

डेंगू, मलेरिया और JE पर सरकार का ‘मास्टरप्लान’: स्वास्थ्य मंत्रालय ने की मुफ्त वैक्सीन और जांच की बड़ी घोषणा

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

गर्मियां और मानसून का मौसम शुरू होते ही देश में डेंगू, मलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) जैसी रोगाणुवाहक (वेक्टर जनित) बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

इन बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर एक व्यापक मास्टरप्लान तैयार किया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में सरकार द्वारा उठाए गए इन कड़े कदमों की विस्तृत जानकारी दी है।

केंद्र और राज्यों का ‘ज्वाइंट एक्शन प्लान’

स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि जन स्वास्थ्य राज्य का विषय है, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय और तकनीकी मदद दे रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय और ‘आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय’ ने हाल ही में प्रमुख नगर निगमों के साथ मिलकर मच्छरों के प्रजनन को रोकने और स्वच्छता बढ़ाने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की है।

बीमारियों को रोकने के लिए सरकार के 5 प्रमुख कदम:

  1. मुफ्त वैक्सीन और टीकाकरण: सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के तहत बच्चों को जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) की वैक्सीन की 2 खुराकें (9-12 महीने और 16-24 महीने की आयु में) बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध करा रही है।

  2. फ्री जांच और सर्विलांस नेटवर्क: डेंगू और JE की निगरानी व मुफ्त निदान के लिए देश भर में ‘सेंटिनल सर्विलांस हॉस्पिटल्स’ (SSH) और ‘एपेक्स रेफरल लैबोरेटरीज’ (ARL) का एक बड़ा नेटवर्क स्थापित किया गया है। इसके लिए टेस्टिंग किट सीधे भारत सरकार मुहैया करा रही है।

  3. मच्छर नियंत्रण का 360° अभियान: मलेरिया और डेंगू प्रभावित उच्च जोखिम वाले इलाकों में घरों के अंदर छिड़काव (IRS), कीटनाशक युक्त जाल (LLIN), लार्वा खाने वाली मछलियों का उपयोग और शहरी क्षेत्रों में ‘जैव-लार्वानाशक’ (Bio-larvicides) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

  4. तेज मॉनिटरिंग और इलाज: प्रारंभिक मामलों का तुरंत पता लगाने के लिए एक्टिव और पैसिव सर्विलांस सिस्टम लागू किया गया है, ताकि मरीजों को समय पर सही इलाज और रेफरल सेवाएं मिल सकें।

  5. जन-जागरूकता अभियान: 25 अप्रैल को ‘विश्व मलेरिया दिवस’ और 16 मई को ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस’ के माध्यम से सोशल मीडिया, रेडियो और समाचार पत्रों पर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाई जा रही है। जून को ‘मलेरिया-विरोधी माह’ और जुलाई को ‘डेंगू-विरोधी माह’ के रूप में मनाया जाएगा।

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