CEC पर देशद्रोह की मांग: विपक्ष का हल्ला बोल, दिल्ली से पटना तक प्रदर्शन
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का देशव्यापी हल्ला बोल: प्रियंका गांधी ने की ‘देशद्रोह’ के मुकदमे की मांग, दिल्ली से पटना तक सड़क पर उतरे दल”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को ‘चुनावी गड़बड़ियों का मुख्य सूत्रधार’ बताए जाने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है।
चुनाव प्रक्रिया में गंभीर खिलवाड़ और ‘वोटर लिस्ट’ संशोधन से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस के साथ-साथ राष्ट्रीय जनता दल (RJD), समाजवादी पार्टी (SP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और वामपंथी दलों ने एकजुट होकर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक CEC इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रियंका गांधी का आक्रामक रुख: ’13 करोड़ नाम काटे गए, देशद्रोह का चले केस’
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पूरे प्रकरण पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधे तौर पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि CEC ने जानबूझकर और अनुचित तरीके से मतदाता सूची से लगभग 13 करोड़ नाम हटाने की अनुमति दी और इसके बाद चुनाव संपन्न कराए।
उन्होंने इसे सीधे तौर पर देशहित और भारत के लोकतंत्र के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र करार दिया है।
दिल्ली में EC कार्यालय का घेराव, राज्यों में उग्र प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार से ही देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं:
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दिल्ली: इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव तथा AICC दिल्ली प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन के नेतृत्व में दोपहर एक बजे चुनाव आयोग के मुख्यालय का बड़ा घेराव और प्रदर्शन किया जा रहा है।
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बिहार: आरजेडी (RJD) ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए पटना समेत राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
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पंजाब, असम और एमपी: इन राज्यों में भी कांग्रेस ने मोर्चा संभाल लिया है। पंजाब में कांग्रेस नेता सचिन पायलट इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।
वामपंथी दलों और सपा का खुला समर्थन
इस देशव्यापी आंदोलन में वामपंथी दल—CPI(M), CPI, CPI(ML)-लिब्रेशन, RSP और AIFB—भी पूरी ताकत से उतर गए हैं।
इन दलों ने एक संयुक्त बयान जारी कर 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक लगातार देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुहिम को अपना खुला समर्थन देते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अखिलेश ने कहा कि हालिया घटनाक्रम से अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि निर्वाचन आयोग (ECI) के स्तर से गंभीर बेईमानी और हेरफेर को अंजाम दिया गया है।
विपक्ष ने एक सुर में कहा है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए चुनाव आयोग की जवाबदेही हर हाल में तय होनी चाहिए।











