UP Police SIT team arresting accused policemen and civilians involved in extortion and kidnapping cases in Jaunpur

खाकी की आड़ में रंगदारी: SIT ने 2 पुलिसकर्मियों समेत 3 को किया गिरफ्तार

खाकी की आड़ में अपहरण और रंगदारी: SIT का बड़ा एक्शन, 24 घंटे में 2 पुलिसकर्मियों समेत 3 गिरफ्तार, 2 ने किया सरेंडर”

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

वर्दी और पुलिस पद का रौब दिखाकर आम नागरिकों का अपहरण करने और लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने के दो गंभीर मामलों में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई की है।

एसआईटी ने घटना में शामिल दो निलंबित पुलिसकर्मियों (सिपाहियों) समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं, पुलिस की लगातार दबिश और खौफ के चलते दो नामजद आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।

इस पूरे प्रकरण में लापरवाही और संलिप्तता के आरोप में सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO) को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

दो थाना क्षेत्रों में हुई थी अपहरण और वसूली की वारदात

जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर अनुपम सिंह ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिले में वर्दी की आड़ में लूट के दो अलग-अलग मामले जलालपुर और सुरेरी थाने में दर्ज किए गए थे:

  • पहला मामला (थाना जलालपुर): 17 सितंबर को दर्ज एफआईआर के अनुसार, 15 सितंबर को संकीत सिंह जलालपुर निवासी पीड़ित विजय राजभर को अपने साथ ले गया।

  • वहां एक चार पहिया वाहन में पहले से मौजूद चार अज्ञात लोगों ने उसे जबरन बैठाया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर उसका मोबाइल छीन लिया।

  • आरोपियों ने यूपीआई (UPI) के जरिए अलग-अलग खातों में करीब 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इस मामले में संकीत सिंह, विकास और चार अज्ञात को आरोपी बनाया गया था।

  • दूसरा मामला (थाना सुरेरी): 22 सितंबर को दर्ज इस मामले में वाराणसी (थाना बड़ागांव) निवासी राजेंद्र दूबे और वंशनरायन गिरी को नामजद किया गया था।

  • पीड़ित ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को राजेंद्र दूबे ने उसे मिलने बुलाया, जहां सादे कपड़ों में मौजूद 3-4 कथित पुलिसकर्मियों ने उसे गाड़ी में बैठाया और सुरेरी थाने ले गए।

  • वहां डरा-धमकाकर 1.65 लाख रुपये की वसूली की गई और यह रकम वंशनरायन गिरी के खाते में यूपीआई से ट्रांसफर कराई गई।

DIG के निर्देश पर बनी 5 सदस्यीय SIT, ऐसे हुई कार्रवाई

सुरेरी थाने में हुई इस वारदात की गंभीरता को देखते हुए 18 सितंबर को ही तत्कालीन थानाध्यक्ष और उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।

दोनों मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) ने 22 सितंबर को एक 5 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया।

एसआईटी की जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता साफ होने के बाद 23 सितंबर को त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया:

  1. मनीष पटेल (आम नागरिक)

  2. सत्येंद्र कुमार गौड़ (निलंबित आरक्षी/सिपाही)

  3. विष्णु सिंह (निलंबित आरक्षी/सिपाही)

इस बीच, जलालपुर प्रकरण में वांछित चल रहे आरोपी संकीत सिंह और विकास (दोनों पुत्र रविंद्र प्रताप सिंह) ने पुलिस के दबाव में 23 सितंबर को ही न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस अब गिरफ्तार पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।