“टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालक कैब एग्रीगेटर सेवाओं से बेहतर भुगतान की मांग के लिए हड़ताल कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनियां उनसे अधिक कमीशन ले रही हैं। ई-रिक्शा चालकों की वजह से भी नुकसान हो रहा है। इस पर केंद्र और राज्य सरकार रोक लगाएं”
नई दिल्ली 23 / 08 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली में एप आधारित ऑटो और कैब चालक दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। इसमें 15 से अधिक ऑटो और टैक्सियों के यूनियन शामिल हैं।
हड़ताल के पहले दिन गुरुवार यानी कल एप आधारित ऑटो और कैब चालकों के कई संगठनों की हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर राजधानी के रेलवे स्टेशनों व एयरपोर्ट पर देखने को मिला। शुक्रवार यानी आज भी हड़ताल जारी रही। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालक कैब एग्रीगेटर सेवाओं से बेहतर भुगतान की मांग के लिए हड़ताल कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनियां उनसे अधिक कमीशन ले रही हैं।
ई-रिक्शा चालकों की वजह से भी नुकसान हो रहा है। इस पर केंद्र और राज्य सरकार रोक लगाएं। वहीं, राजधानी में बहुत कम संख्या में ऑटो-टैक्सियां यात्रियां मिलीं।
इस दौरान मनमाने तरीके से किराया भी वसूला गया। जो ऑटो-टैक्सी चालक हड़ताल में शामिल नहीं हुए, उन्हें धमकाकर यात्रियों को उतारने के लिए कहा गया।
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