दिल्ली/शालीमार बाग: न्याय मांग रही महिला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

“देश की राजधानी के पॉश इलाके शालीमार बाग में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला की बीच सड़क पर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान रचना यादव के रूप में हुई है”

विशेष ब्यूरो, नई दिल्ली | 11 जनवरी, 2026

‘The Politics Again’ को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला पुरानी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, क्योंकि रचना के पति विजेंद्र यादव की भी कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी।

वारदात का विवरण: सुबह 11 बजे का खौफ

डीसीपी (उत्तर-पश्चिम) भीष्म सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह लगभग 11:00 बजे पुलिस को पीसीआर कॉल मिली। रचना यादव उस समय अपने पड़ोसी के घर से वापस लौट रही थीं, तभी घात लगाए हमलावरों ने उनके सिर में बेहद करीब से गोली मार दी। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भलस्वा गांव और पति की हत्या का कनेक्शन

पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस मर्डर का सिरा भलस्वा गांव से जुड़ा पाया गया है।

  • पुरानी रंजिश: रचना के पति विजेंद्र यादव की हत्या साल 2022 या 2023 के दौरान हुई थी।

  • न्याय की लड़ाई बनी काल: रचना अपने पति के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं और पुलिस के संपर्क में थीं।

  • फरार आरोपी संदिग्ध: विजेंद्र यादव हत्याकांड के कुछ नामजद आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस को प्रबल संदेह है कि उन्हीं फरार आरोपियों ने गवाही रोकने या बदले की नीयत से रचना को रास्ते से हटा दिया।

जांच के लिए विशेष टीमों का गठन

डीसीपी ने बताया कि मामला किसी निजी दुश्मनी या गहरे पारिवारिक विवाद से जुड़ा लग रहा है। पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  1. SIT का गठन: हमलावरों की पहचान और धरपकड़ के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।

  2. CCTV स्कैन: घटनास्थल के आसपास और भागने वाले संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

  3. स्थानीय पूछताछ: पुलिस भलस्वा गांव के संदिग्धों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर रही है।

The Politics Again का विश्लेषण:

“गवाहों और पीड़ितों के परिजनों की सुरक्षा एक बार फिर कटघरे में है। यदि पति की हत्या के आरोपी फरार न होते या मृतका को पर्याप्त सुरक्षा मिली होती, तो शायद इस वारदात को टाला जा सकता था”

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.