'संसद मार्च' के दौरान हुई भीषण हिंसा की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है कि हिरासत में लिए गए उपद्रवी छात्र नहीं, बल्कि बाहरी असामाजिक तत्व हैं।
दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: ‘संसद मार्च’ में हिंसा फैलाने वाले उपद्रवी छात्र नहीं, रची गई थी गहरी साजिश?
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित ‘संसद मार्च’ के दौरान हुई भीषण हिंसा और आगजनी को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान बवाल काटने और पथराव करने के आरोप में जिन उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है, वे ‘छात्र नहीं हैं’।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए सभी संदिग्धों की व्यक्तिगत पहचान को सत्यापित कर रही है। इस खुलासे के बाद दिल्ली की राजनीति और भी ज्यादा गर्मा गई है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अशांति और हिंसा फैलाने के आरोप में पकड़े गए लोग बिल्कुल भी विद्यार्थी नहीं हैं। ऐसे में पुलिस अब इस हिंसक झड़प के पीछे के असली मकसद की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस इस बात की सघन पड़ताल कर रही है कि क्या इस ‘संसद मार्च’ में बाहरी लोगों और असामाजिक तत्वों को किसी सोची-समझी साजिश के तहत ‘प्लान’ करके शामिल किया गया था?
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। विशेष पुलिस टीमें हिंसा में शामिल इन बाहरी तत्वों की पहचान करने के लिए घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी (CCTV) रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाल रही हैं।
इसके साथ ही, घटना का सही क्रम को समझने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की भी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
सोमवार को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शनकारियों ने बेहद अनियंत्रित और आक्रामक व्यवहार किया। पुलिस की बार-बार चेतावनी और निषेधाज्ञा के बावजूद उन्होंने बैरिकेड्स तोड़े और पुलिसकर्मियों पर भारी पथराव किया।
इस खौफनाक हिंसा में स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी समेत 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी और महिला अधिकारी घायल हुए हैं।
उपद्रवियों ने सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया और लगभग 15 से 20 सरकारी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की।
हाथापाई के दौरान करीब 60 प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए लगभग 70 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले हर व्यक्ति को कड़े कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर अभी कई और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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