संस्कृति मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के स्मृति चिन्हों की नीलामी के 7 वें संस्करण की घोषणा की

“भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (एनजीएमए) द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री के स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी के 7वें संस्करण के शुभारंभ की घोषणा की। यह घोषणा केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एनजीएमए में की”

नई दिल्ली 17 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले 1300 से अधिक उपहारों की 17 सितंबर 2025 से ऑनलाइन नीलामी की जाएगी।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी के 7वें संस्करण को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने कहा कि जिन वस्तुओं की नीलामी की जाएगी उनमें पेंटिंग, कलाकृतियाँ, मूर्तियाँ, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ और कुछ खेल संबंधी सामान शामिल हैं।

पहली नीलामी जनवरी 2019 में हुई थी। तब से, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किए गए हजारों अद्वितीय उपहारों की नीलामी की जा चुकी है, जिनसे नमामि गंगे परियोजना के समर्थन में ₹50 करोड़ से अधिक की राशि जुटाई गई है।

श्री नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने इस नेक काम के लिए उन्हें मिले सभी स्मृति चिन्हों को समर्पित किया है।इस वर्ष के संस्करण में 1,300 से अधिक वस्तुएं शामिल होंगी, जिनके लिए बोली आधिकारिक पोर्टल www.pmmementos.gov.in पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक लगाई जा सकती है।

यह संग्रह भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है, जिसमें पारंपरिक कला, पेंटिंग, मूर्तियां, हस्तशिल्प और आदिवासी कलाकृतियों से लेकर सम्मान और आदर के औपचारिक उपहार शामिल हैं। कुछ प्रमुख वस्तुओं में शामिल हैं:

  • जम्मू और कश्मीर से एक जटिल रूप से कढ़ाई वाली पश्मीना शॉल
  • राम दरबार की एक तंजौर पेंटिंग
  • नटराज की एक धातु की मूर्ति
  • गुजरात की रोगन कला, जिसमें ट्री ऑफ़ लाइफ को दर्शाया गया है
  • एक हाथ से बुनी हुई नागा शॉल

इस संस्करण का एक विशेष आकर्षण भारत के पैरा-एथलीटों द्वारा उपहार में दी गई खेल यादगार वस्तुएं हैं, जिन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में भाग लिया था। ये प्रतीक भारतीय खेल की सहनशीलता, उत्कृष्टता और अदम्य भावना का प्रतीक हैं।

वर्तमान में ये वस्तुएं एनजीएमए, नई दिल्ली  में प्रदर्शित हैं, जहाँ आगंतुक ऑनलाइन बोली लगाने से पहले उन्हें देख सकते हैं।

पिछले वर्षों की तरह, ई-नीलामी से प्राप्त सभी आय ‘नमामि गंगे परियोजना’ में जाएगी, जो गंगा और उसके ईकोसिस्टम के कायाकल्प, संरक्षण और सुरक्षा के लिए भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है।

ई-नीलामी नागरिकों के लिए इतिहास का एक हिस्सा प्राप्त करने का सिर्फ एक अवसर नहीं है, बल्कि एक नेक मिशन में भाग लेने का भी मौका है – हमारी पवित्र नदी, गंगा का संरक्षण। अधिक जानकारी और बोली लगाने के लिए, कृपया विजिट करें: www.pmmementos.gov.in

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