MP Priya Saroj letter to NHAI
🛑जौनपुर: NH-233 के निर्माण से 15 हजार की आबादी का रास्ता बंद, एक्टिव हुईं सांसद प्रिया सरोज, NHAI को लिखा पत्र
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई ( राजा ) की रिपोर्ट
राष्ट्रीय राजमार्ग-233 (NH-233) के निर्माण और चौड़ीकरण के चलते जौनपुर जिले के ग्रामसभा रामदेवपुर और उसके आसपास के हजारों ग्रामीणों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उनका मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद होने की कगार पर है।
इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र की समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद प्रिया सरोज (Priya Saroj) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक को एक कड़ा पत्र लिखा है और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं क्या है ग्रामीणों की मुख्य समस्या और सांसद ने पत्र में किन कानूनी अधिकारों का दिया है हवाला:
सांसद प्रिया सरोज ने NHAI को लिखे अपने पत्र में बताया कि ग्रामसभा रामदेवपुर सहित आसपास के कई गांवों के नागरिकों ने उन्हें इस सड़क संकट से अवगत कराया है।
सार्वजनिक मार्ग: डोभी रेलवे स्टेशन के दक्षिण में स्थित ‘गाटा संख्या-300’ एक सार्वजनिक मार्ग है, जो सरकारी रिकॉर्ड (राजस्व अभिलेखों) में भी दर्ज है और इस पर पहले से ही एक पक्की सड़क बनी हुई है।
रास्ता हुआ अवरुद्ध: वर्तमान में NH-233 पर बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के कारण यह चालू रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध होने की स्थिति में पहुंच गया है, जिससे लोगों का आवागमन ठप हो रहा है।
सांसद ने अधिकारियों को स्थिति की गंभीरता समझाते हुए बताया कि यह मार्ग कोई आम रास्ता नहीं है, बल्कि दर्जनों गांवों के लिए एक ‘लाइफलाइन’ है।
प्रभावित गांव: इस रास्ते से मुकरीपुर, रायपुर, डोभी, हरिहरपुर और रामदेवपुर समेत दर्जनभर गांवों के लोग आते-जाते हैं।
रोजाना करीब 14 से 15 हजार लोग इसी रास्ते से होकर अस्पताल, स्कूल, स्थानीय बाजार और कृषि मंडियों तक पहुंचते हैं।
यदि ओवरब्रिज के कारण यह मार्ग स्थायी रूप से बंद हो जाता है, तो इतनी बड़ी आबादी की दैनिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाएंगी।
प्रिया सरोज ने इस मामले को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि विधिक और संवैधानिक दृष्टिकोण से भी उठाया है।
उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि नागरिकों का ‘सुगम आवागमन का अधिकार’ भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 (जीने के अधिकार) की भावना से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
कानूनी दृष्टि से यह अनिवार्य है कि किसी भी सार्वजनिक मार्ग को बंद करने से पहले जनता के लिए एक सुरक्षित और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए।
मामले के त्वरित समाधान के लिए सांसद प्रिया सरोज ने NHAI के परियोजना निदेशक से मांग की है कि:
जनहित को सर्वोपरि रखते हुए निर्माणाधीन ओवरब्रिज के दोनों ओर (या किसी भी अन्य उपयुक्त स्थान पर) तत्काल आवश्यक सर्विस रोड (Service Road) का निर्माण कराया जाए।
सर्विस रोड बनने से गाटा संख्या-300 का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा और क्षेत्रीय जनता का आवागमन भी बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से जारी रह सकेगा।
सांसद ने NHAI अधिकारियों से इस जनहित के मुद्दे पर जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
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