बंगाल: घुसपैठियों पर CM शुभेन्दु सख्त, चेतावनी- ‘जल्दी भागो…
पश्चिम बंगाल : घुसपैठियों पर CM शुभेन्दु अधिकारी की सख्त चेतावनी- ‘जल्दी भागो…’, ₹5 में भोजन और ‘अन्नपूर्णा योजना’ का भी ऐलान”
कोलकाता/कल्याणी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर सियासत और प्रशासनिक सख्ती अब अपने चरम पर पहुंच गई है।
राज्य सरकार ने एक ओर अवैध घुसपैठ के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है, वहीं दूसरी ओर जनता की सहूलियत के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं और कड़े सामाजिक सुधारों का पिटारा खोल दिया है।
मंगलवार को कल्याणी में आयोजित प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में अब ‘वोट बैंक’ की नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) की नीति चलेगी।
‘जल्दी भागो, नहीं तो सरकार करेगी कार्रवाई’
कल्याणी में नदिया, हुगली और उत्तर 24 परगना जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार किया।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर 24 परगना जिले के बसिरहाट उपखंड स्थित हाकिमपुर जांच चौकी (Check Post) पर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की बड़ी भीड़ जमा हो गई है और वे स्वयं वापस लौटने के लिए तैयार हैं।
घुसपैठियों को कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जल्दी जल्दी भागो, नहीं तो सरकार को जो करना होगा वह करेगी।”
उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य अब उन लोगों पर जनता की गाढ़ी कमाई खर्च नहीं करेगा, जो अवैध रूप से यहां रह रहे हैं। यह पश्चिम बंगाल के मूल निवासियों और भारतीय नागरिकों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
लागू हुई “पहचानो, हटाओ और निर्वासित करो” नीति
अवैध घुसपैठियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने “पहचानो, हटाओ और निर्वासित करो” (Identify, Remove and Deport) की नीति को तेज गति से लागू कर दिया है।
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होल्डिंग सेंटर: हर जिले में विशेष केंद्र बनाए जा रहे हैं। मालदा जिले के इंग्लिश बाजार स्थित चंदन पार्क में पहला ‘होल्डिंग केंद्र’ शुरू हो गया है, जहां फिलहाल 9 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
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BSF को सौंपे जाएंगे घुसपैठिये: कानूनी प्रक्रिया में समय बर्बाद न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जो घुसपैठिये नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दायरे में नहीं आते, उन्हें राज्य पुलिस सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप देगी।
जनसांख्यिकी बदलाव पर अमित शाह की चिंता और नई समिति
इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसंख्या परिवर्तन (Demographic Change) को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति के गठन का ऐलान किया है, जो देश के जनसंख्या संतुलन पर अवैध घुसपैठ के प्रभावों का गहन अध्ययन करेगी।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह असंतुलन राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
नई जनकल्याणकारी योजनाएं और कड़े सामाजिक सुधार
कड़े प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने आम जनता को लुभाने और सामाजिक सुधार की दिशा में भी कई बड़े ऐलान किए हैं:
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योजना / फैसला |
मुख्य विवरण |
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सस्ती भोजन कैंटीन |
पूरे राज्य में 400 विशेष कैंटीन खुलेंगी, जहां मात्र 5 रुपये में मछली और चावल मिलेगा। |
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अन्नपूर्णा योजना |
27 मई से फॉर्म जारी होंगे। पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। |
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शराबबंदी (आंशिक) |
सामाजिक वातावरण सुधारने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों के 1 किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें खोलने पर पूर्ण प्रतिबंध। |
‘शासक का नहीं, कानून का शासन’
प्रशासनिक बैठकों के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि राज्य में अब “शासक का शासन नहीं, बल्कि कानून का शासन” स्थापित किया जा रहा है।
विधायकों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के लिए दुर्गापुर, कल्याणी के बाद अब मालदा और कोलाघाट में भी ऐसी समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि सरकारी व्यवस्था को नई और पारदर्शी दिशा दी जा सके।











