UP Horticulture Department scheme for Jaunpur farmers to increase income

जौनपुर: किसानों के लिए ‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ शुरू

जौनपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: 5 ब्लॉकों में ‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ लागू, कृषि यंत्रों और बागवानी पर मिलेगी बंपर सब्सिडी”

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : अब्दुल हई राजा की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है।

इसी कड़ी में जौनपुर के जिला उद्यान अधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ (राज्य सेक्टर) की शुरुआत की है।

इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती, बागवानी और कृषि यंत्रों की खरीद पर भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जाएगा।

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 5 विशेष ब्लॉकों का चयन इस योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए किया गया है।

इन 5 ब्लॉकों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि सामान्य और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए इस योजना को जिले के मछलीशहर, डोभी, सुईथाकला, रामनगर और मुंगराबादशाहपुर ब्लॉकों में लागू किया जा रहा है।

इसके अलावा, जिले के जो अन्य ब्लॉक बच गए हैं, वहां के किसानों को ‘एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना’ के तहत लाभान्वित किया जाएगा।

बागवानी और खेती के लिए निर्धारित किए गए ये लक्ष्य

इस योजना के तहत किसानों को पारंपरिक खेती से हटाकर नकदी फसलों और बागवानी की ओर मोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की ओर से निम्न लक्ष्य प्राप्त हुए हैं:

  • फलों की खेती: रेगुलर स्पेसिंग (आम, अमरूद, लीची, अनार, नींबू) के लिए 1 हेक्टेयर और हाई डेंसिटी (सघन बागवानी) के लिए 2 हेक्टेयर का लक्ष्य। कम लागत वाली फसलें (पपीता, करौंदा, बेर, बेल, आंवला, कटहल) के लिए 2 हे0 और ड्रैगन फ्रूट के लिए 2 हे0 का लक्ष्य है।
  •  
  • सब्जी और फूल: हाइब्रिड (संकर) सब्जियों के लिए 60 हेक्टेयर, ग्लेडियोलस (2 हे0) और गेंदा के फूल (20 हे0) के क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य है।
  •  
  • मसाले और अन्य: प्याज के लिए 20 हे0 और मसाला बीज (धनिया, मेथी, सौंफ, जीरा) के लिए 2 हे0।
  • इसके अलावा मल्चिंग (5 हे0), सब्जियों पर मचान (7 हे0) और लो कॉस्ट मशरूम उत्पादन (1 इकाई) का भी लक्ष्य है।

कृषि यंत्रों और उपकरणों पर भी मिलेगी सब्सिडी

किसानों की सहूलियत के लिए मशीनीकरण पर भी जोर दिया गया है। योजना के तहत ट्रैक्टर (2WD) – 2, पावर टिलर (8 BHP से कम और अधिक) – 2, पावर नैपसैक स्प्रेयर – 4, तारबंदी (फेंसिंग) – 2000 मीटर, मधुमक्खी पालन – 9, HDPE वर्मी बेड – 10 और ईको-फ्रेंडली लाइट ट्रैप के 15 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

कैसे करें आवेदन? (Application Process)

योजना का लाभ पूर्णतः पारदर्शी तरीके से ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT/काइंड DBT) के माध्यम से दिया जाएगा।

  • ऑनलाइन आवेदन: इच्छुक किसान उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (dbt.uphorticulture.in) पर जाकर अपना पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं।
  •  
  • ऑफलाइन प्रक्रिया: किसान अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे— आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी की छायाप्रति (फोटोकॉपी) और एक पासपोर्ट साइज फोटो लेकर किसी भी कार्य दिवस में ‘जिला उद्यान अधिकारी’ के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से जौनपुर के किसानों को पारंपरिक खेती के नुकसान से बचने और आधुनिक तकनीक से अपनी आय कई गुना बढ़ाने का शानदार अवसर मिलेगा।