छांगुर बाबा के गुर्गे ने किया युवती को किडनैप, परिजनों को थाने से भगाया गया, 6 साल बाद इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी सस्पेंड

“मेरठ में सिविल लाइन क्षेत्र की युवती को अगवा कर धर्म परिवर्तन के मामले में छह साल बाद सिविल लाइन पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। युवती के परिजनों ने बृहस्पतिवार को एसएसपी आफिस पर हंगामा किया और अनहोनी की आशंका जताई। इसके बाद छांगुर बाबा के साथी बदर अख्तर सिद्दीकी और उनके पिता महमूद अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ अगवा कर धर्मांतरण कराने आदि की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है”

मेरठ 25 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

परिजनों ने आरोप लगाया कि बदर अख्तर सिद्दीकी ने वेस्ट यूपी में कई युवतियों को अपने जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराकर शोषण किया है। वहीं, छह साल पहले इस घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने वाले तत्कालीन सिविल लाइन इंस्पेक्टर (वर्तमान में गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच प्रभारी) अब्दुर रहमान को गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने एसएसपी मेरठ की रिपोर्ट के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी युवक बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि उसकी बहन की मुलाकात किदवईनगर इस्लामाबाद थाना लिसाड़ी गेट निवासी एलआईसी एजेंट महमूद अख्तर सिद्दीकी से हुई थी।

युवती के कागजात भी बीमा कराने के लिए महमूद अख्तर सिद्दीकी ने लिए थे। इसके बाद से युवती के पास महमूद अख्तर सिद्दीकी के बेटे बदर अख्तर सिद्दीकी के कॉल आने शुरू हो गए। बदर ने युवती के परिवार की मर्जी के खिलाफ निकाह कर लिया था।

मई 2019 में युवती की मां के पास कॉल आया। उसने मारपीट करने की बात परिजनों को बताई। आरोपी युवती को जान से मारने की कोशिश भी कर चुका है। बदर ने युवती के सिर पर कांच की बोतल से भी हमला किया था, जिसकी फोटो युवती ने अपनी मां के व्हाट्सएप पर भी भेजी थी। मां ने अपने फोन में सभी बाते भी रिकाॅर्ड कर ली थी।
 
22 दिसंबर 2019 को युवती के घर दो युवक आए। जिन्होंने अपने को बजाज फाइनेंस कंपनी से बताया। उन्होंने परिजनों को बताया कि उनकी बेटी ने एलईडी और आईफोन फाइनेंस पर लिया है, लेकिन उसकी किश्त नहीं चुकता की जा रही है। पता नोएडा का बताया गया था। वहां पर युवती नहीं रहती है। वर्ष 2019 में सिविल लाइन थाना के इंस्पेक्टर रहे अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो परिजनों की उम्मीद टूट गई थी। 
 
संजय नगर निवासी परिवार ने एसएसपी डॉ. विपिन ताडा को बताया कि वर्ष 2009 में मेरठ के एक काॅल सेंटर में उनकी बहन नौकरी करने के दौरान बदर अख्तर सिद्दीकी के संपर्क में आई थी। इसके बाद उनकी बहन ने दिल्ली हाईवे स्थित एक मेडिकल काॅलेज में नौकरी करने लगी।
 
वर्ष 2015 में नोएडा के एक मीडिया ग्रुप में नौकरी की। आरोप है कि बदर अख्तर सिद्दीकी उनकी बहन का अपहरण किया और धर्मांतरण कर निकाह किया। सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
बलरामपुर में छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद बदर अख्तर सिद्दीकी चर्चाओं में आया। वह छांगुर बाबा गिरोह के लिए युवतियों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण करा रहा था। उसके खिलाफ भूनी गांव की युवती को अगवा करने के दो मुकदमे 2019 में सरूरपुर थाने में दर्ज हैं।
 
उस युवती के परिजन भी बेटी की बरामदगी की गुहार लगा रहे हैं। दिल्ली के विजयनगर थाने में भी बदर अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ ऐसा ही एक मामला दर्ज है। मेरठ पुलिस बदर की तलाश के अलावा उसके पासपार्ट को भी निरस्त कराने के लिए पत्रावली तैयार कर रही है।