बंगाल में लागू होंगी केंद्र की विज्ञान योजनाएं, जितेंद्र सिंह-CM शुभेंदु की बैठक
पश्चिम बंगाल में तत्काल लागू होंगी केंद्र की विज्ञान और नवाचार योजनाएं : डॉ. जितेंद्र सिंह और CM शुभेंदु अधिकारी की अहम बैठक “
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच कोलकाता में एक विस्तृत उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।
इस अहम वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया है कि विज्ञान, अनुसंधान और स्टार्टअप से संबंधित केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं को पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
बैठक में राज्य भर में वैज्ञानिक शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य के बीच एक समन्वित ढांचा तैयार करने पर सहमति बनी है।
स्वास्थ्य और अनुसंधान पर 2 सबसे बड़े फैसले
बैठक के दौरान क्षेत्रीय महत्व के जन स्वास्थ्य से जुड़े दो बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
-
आर्सेनिक विषाक्तता पर वैज्ञानिक अध्ययन: पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भूजल में पाए जाने वाले खतरनाक आर्सेनिक की समस्या से निपटने के लिए, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के नेतृत्व में प्रभावित जिलों में तुरंत एक समर्पित वैज्ञानिक अध्ययन शुरू किया जाएगा।
-
कैंसर और रोगाणुरोधी उपचार पर रिसर्च: राज्य के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों, सरकारी मेडिकल कॉलेजों, कैंसर अस्पतालों और एम्स (AIIMS) से जुड़े चिकित्सा नेटवर्क को एक साथ लाकर कैंसर और रोगाणुरोधी उपचारों (Antimicrobial Treatments) पर सहयोगात्मक दवा परीक्षण और नैदानिक अनुसंधान (Clinical Research) शुरू किया जाएगा।
छात्रों और महिलाओं के लिए खुलेगा अवसरों का द्वार
इस वार्ता का एक बड़ा फोकस राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों में विज्ञान को बढ़ावा देने पर रहा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एक मजबूत वैज्ञानिक और शैक्षणिक इकोसिस्टम मौजूद है।
युवाओं और महिलाओं में वैज्ञानिक सोच व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की निम्नलिखित विद्यार्थी-केंद्रित एवं महिला-केंद्रित योजनाओं का राज्य में विस्तार किया जाएगा:
-
इंस्पायर (INSPIRE) और इंस्पायर मानक (INSPIRE MANAK)
-
विज्ञान ज्योति (Vigyan Jyoti)
-
किरण (KIRAN) और वाइज (WISE)
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के साथ इन योजनाओं के एकीकरण से राज्य के युवाओं के बीच स्टार्टअप और अनुसंधान-उन्मुख प्रतिभा के विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा।
आगे की रूपरेखा: बनेगा पूर्वी भारत का नया मॉडल
डॉ. जितेंद्र सिंह ने विश्वास जताया कि वैज्ञानिक संस्थानों, शिक्षा जगत और स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना के इस एकीकरण से पूर्वी भारत में ‘विज्ञान आधारित क्षेत्रीय विकास’ का एक नया मॉडल तैयार होगा।
योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अगले कुछ ही दिनों में राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक प्रारंभिक समन्वय बैठक बुलाई जाएगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री स्तर पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक होगी, जिसमें पहलों की प्रगति जांची जाएगी और सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे।











