जनगणना 2027: 31 राज्यों में पहला चरण पूरा, जानें कब शुरू होगा दूसरा चरण
जनगणना 2027: 31 राज्यों में पहला चरण पूरा, बर्फीले क्षेत्रों में 1 सितंबर से शुरू होगा दूसरा चरण”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियां जोरों पर हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जनगणना की मौजूदा स्थिति और डिजिटल व्यवस्थाओं को लेकर अहम जानकारी साझा की है।
उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण का काम लगभग पूरा होने वाला है और जल्द ही दूसरे चरण की शुरुआत बर्फीले इलाकों से की जाएगी।
पहले चरण की स्थिति (गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना)
गृह राज्य मंत्री ने सदन को सूचित किया कि जनगणना 2027 का पहला चरण 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
जिन राज्यों में यह अभी लंबित है, वहां भी सितंबर 2026 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।
1 सितंबर से दूसरा चरण: बर्फीले क्षेत्रों पर खास फोकस
3 अगस्त, 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना का दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) लद्दाख, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमपातग्रस्त (बर्फीले) क्षेत्रों में 1 सितंबर, 2026 से 30 सितंबर, 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा।
- पुनरीक्षण दौर: यह 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
- स्व-गणना का विकल्प: इन क्षेत्रों के नागरिकों के लिए 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना (Self-enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
पहली बार पूरी तरह से डिजिटल होगी जनगणना
जनगणना 2027 तकनीकी रूप से अत्यधिक उन्नत है। डेटा संग्रह के लिए विशेष मोबाइल एप्लिकेशन और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इतिहास में पहली बार नागरिकों को ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज करने (स्व-गणना) की सुविधा दी गई है। दूसरे चरण के लिए भी सभी आवश्यक डिजिटल उपकरण तैयार किए जा चुके हैं।
प्रशिक्षण और 4102 करोड़ रुपये का फंड जारी
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समन्वय से मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, एन्यूमरेटर और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम या तो पूरा हो चुका है या चल रहा है।
भारत सरकार ने अब तक प्रशिक्षण, मानव संसाधन, तकनीकी ढांचे और कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4102 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है।











