Security forces using drones and night vision devices for border surveillance against drug trafficking

मादक पदार्थों की तस्करी पर सरकार सख्त, राज्यसभा में गिनाए अहम कदम

ड्रग तस्करी पर सरकार का कड़ा प्रहार: राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री ने गिनाए अहम कदम, ‘विज़न 2026-2029’ लागू”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

देश में मादक पदार्थों (Drugs) की तस्करी और इसके सेवन को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) की सफलता को लेकर विस्तृत जानकारी सदन पटल पर रखी।

सीमा पार तस्करी रोकने के लिए हाई-टेक इंतजाम

गृह राज्य मंत्री ने बताया कि सीमाओं को सुरक्षित करने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं:

  • उन्नत निगरानी: सीमाओं पर सीसीटीवी, ड्रोन, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली, पीटीजेड (PTZ) कैमरे और नाइट विज़न डिवाइस (NVD) तैनात किए गए हैं।

  • बुनियादी ढांचा: सुरक्षा बलों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए बाड़बंदी, सीमा चौकियों, सड़कों और हेलीपैड का विकास किया गया है।

  • खुफिया समन्वय: वास्तविक समय (Real-time) में सूचनाएं साझा करने के लिए खुफिया एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग सुनिश्चित किया गया है और गश्त एवं नाका पॉइंट बढ़ाए गए हैं।

नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) की बड़ी सफलता

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 15 अगस्त 2020 को 272 संवेदनशील जिलों से शुरू किया गया ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ अब (अगस्त 2023 से) देश के सभी जिलों में लागू है।

इस अभियान के तहत अब तक 29.05 करोड़ से अधिक लोगों को जागरूक किया जा चुका है। इसमें 11.05 करोड़ युवा और 7.81 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।

साथ ही, 1.17 लाख से अधिक ‘नशा मुक्ति मित्र’ इस महाभियान से जुड़कर समाज को जागरूक कर रहे हैं।

ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए ‘विज़न 2026-2029’

सरकार ने 26 जून 2026 को ‘मादक पदार्थ नियंत्रण पर विज़न दस्तावेज़ (2026-2029)’ जारी किया है। इसके 4 प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं:

  1. प्रवर्तन (खुफिया जानकारी और संचालन)

  2. पूर्ववर्ती और सिंथेटिक दवाओं का नियंत्रण

  3. मांग और हानि न्यूनीकरण

  4. क्षमता निर्माण एवं समन्वय

संस्थागत ढांचे की मजबूती और आदतन अपराधियों पर कार्रवाई

केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए 4-स्तरीय नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की स्थापना की गई है।

इसके अलावा, एनसीबी (NCB) ने एक ‘एनसीओआरडी पोर्टल’ भी विकसित किया है। हर राज्य में एडीजी/आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक समर्पित ‘एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF)’ का गठन किया गया है।

कड़ी कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए मंत्री ने बताया कि ‘पीआईटीएमडीपीएस’ (PITNDPS) अधिनियम, 1988 के तहत आदतन तस्करों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

साल 2025 के दौरान देशभर में 810 और जून 2026 तक 427 आदतन अपराधियों के खिलाफ हिरासत आदेश जारी किए गए हैं।