सावधान: ‘एक साल में पैसा डबल’ करने का लालच देकर 85 लाख ठगे; खेत बेचकर बैंक में रखे थे पैसे, मुंबई भागने से पहले दबोचा गया नटवरलाल
“उत्तर प्रदेश के जौनपुर में ‘पैसा दोगुना’ (Money Doubling Scheme) करने के नाम पर एक बड़ी ठगी का पर्दाफाश हुआ है”
जौनपुर “THE POLITICS AGAIN” सुनील कुमार की रिपोर्ट
जफराबाद पुलिस ने मंगलवार को एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने ही रिश्तेदार को 85 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
आरोपी पुलिस से बचने के लिए मुंबई भागने की फिराक में था, लेकिन हौज तिराहे पर धर दबोचा गया।
खेत बेचा, और जाल में फंस गए
बैजाबाद गांव के रहने वाले कमला प्रसाद चौहान ने अपनी जमीन बेचकर जीवन भर की पूंजी जमा की थी। उनके पास लाखों रुपये थे, जो यूनियन बैंक खाते में सुरक्षित थे।
इसी बीच, उनके गांव के ही एक रिश्तेदार अर्जुन चौहान (निवासी पचोखर) की नजर उन पैसों पर पड़ गई। उसने कमला प्रसाद को झांसा दिया कि “मुझे पैसा दे दो, एक साल में दोगुना कर दूंगा।”
फर्जी रसीद और ऑनलाइन जुआ
भरोसा जीतने के लिए अर्जुन ने अपने साथी इस्माइल अहमद (निवासी अहमद खां मंडी) की मदद से SBI (स्टेट बैंक) की एक फर्जी एफडी रसीद (Fake FD Receipt) बनवाकर पीड़ित को थमा दी।
अर्जुन ने कुल 85 लाख रुपये ठगे
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20 लाख रुपये RTGS (बैंक ट्रांसफर) के जरिए।
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65 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में नकद निकलवाकर। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी अर्जुन चौहान ने यह पैसा ऑनलाइन जुए (Online Gambling) में उड़ा दिया है।
पुलिस की कार्रवाई
थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ल ने बताया कि 6 महीने बाद जब पीड़ित ने पैसे मांगे तो आरोपी आनाकानी करने लगा। शक होने पर पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से आरोपी अर्जुन को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह मुंबई भागने की तैयारी में था।
पुलिस अब दूसरे आरोपी इस्माइल अहमद और पैसों की बरामदगी के लिए जांच कर रही है।
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असली vs नकली: कैसे पहचानें बैंक की FD रसीद? (5 सेकंड का चेक)
ठगी से बचने के लिए किसी भी रसीद पर आँख मूंदकर भरोसा न करें। इन 5 तरीकों से तुरंत जाँच करें:
1. रसीद नंबर (Certificate Number) और खाता संख्या
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हर FD रसीद पर एक यूनिक ‘सर्टिफिकेट नंबर’ होता है।
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क्या करें: रसीद मिलते ही बैंक के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें या बैंक जाकर यह नंबर चेक कराएं। अगर बैंक के सिस्टम में यह नंबर नहीं है, तो रसीद फर्जी है।
2. होलोग्राम और वॉटरमार्क (Hologram & Watermark)
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असली बैंक रसीद पर अक्सर बैंक का ‘लोगो’ (Logo) वॉटरमार्क के रूप में या एक चमकीला होलोग्राम होता है।
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फर्जी: फोटोकॉपी या सामान्य प्रिंटर से निकली रसीद पर होलोग्राम सपाट (Flat) दिखेगा, जबकि असली पर वह चमकता है।
3. ऑनलाइन वेरिफिकेशन (Net Banking/App)
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यह सबसे पक्का तरीका है। अगर FD आपके नाम पर बनी है, तो वह आपके Net Banking या Mobile App (जैसे YONO SBI) में तुरंत दिखाई देगी।
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चेतावनी: अगर ऐप में FD नहीं दिख रही, लेकिन एजेंट ने रसीद दे दी है, तो 100% फ्रॉड है।
4. SMS और ईमेल अलर्ट
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जब भी FD बनती है, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बैंक से आधिकारिक SMS जरूर आता है।
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ध्यान दें: ठग आपको अपने नंबर से मैसेज भेज सकते हैं। बैंक के मैसेज हमेशा
B-SBI,A-HDFCजैसे कोड (Sender ID) से आते हैं, सामान्य मोबाइल नंबर से नहीं।
5. वर्तनी की गलतियां (Spelling Mistakes)
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फर्जी रसीदों में अक्सर अंग्रेजी की स्पेलिंग गलत होती है या फॉन्ट (Font) धुंधला होता है। बैंक के आधिकारिक दस्तावेजों में ऐसी गलतियां नहीं होतीं।
🚨 ठगी होने पर क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
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1930 डायल करें: यह भारत सरकार का ‘साइबर क्राइम हेल्पलाइन’ नंबर है।
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www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि खाते को फ्रीज (Freeze) किया जा सके।











