Lucknow Lawyer Chamber Demolition

लखनऊ: वकीलों के अवैध चैंबरों पर चला बुलडोजर, पुलिस का लाठीचार्ज

लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर गरजा बुलडोजर: पुलिस का लाठीचार्ज, एक वकील ने चैंबर में बंद कर की फांसी लगाने की कोशिश

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। इलाहाबाद हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों पर सुबह से ही बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।

कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा हुआ। वकीलों ने पुलिस-प्रशासन की टीम का कड़ा विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए वकीलों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। सुरक्षा और तनाव के मद्देनजर पूरे इलाके में पीएसी (PAC) बल तैनात कर दिया गया है।

चैंबर में फांसी लगाने का प्रयास, मची अफरा-तफरी

बुलडोजर एक्शन के दौरान स्थिति तब बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब एक वकील ने खुद को अपने चैंबर के अंदर बंद कर लिया।

वकील का आरोप था कि उसे प्रशासन की तरफ से कोई पूर्व नोटिस नहीं मिला है और सीधे चैंबर तोड़े जा रहे हैं।

विरोध जताते हुए उसने चैंबर के अंदर ही फांसी लगाने की कोशिश की, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

महिला वकील का आरोप- ‘बिना निशान वाले चैंबर गिराए गए’

इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एक महिला वकील ने प्रशासन पर मिलीभगत और भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया।

  • उनका कहना था कि 72 अवैध चैंबर्स की विशेष रूप से पहचान की गई थी, लेकिन प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय आम वकीलों के चैंबर गिरा दिए।

  • उन्होंने आरोप लगाया कि जिन चैंबर्स पर गिराने के निशान तक नहीं लगाए गए थे, उन्हें भी ध्वस्त कर दिया गया।

  • वकीलों की मांग थी कि चैंबर तोड़ने से पहले उन्हें बैठने के लिए कोई वैकल्पिक जगह मुहैया कराई जानी चाहिए थी।

हाई कोर्ट का सख्त आदेश: 240 अवैध चैंबरों पर एक्शन

प्रशासन के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई हाई कोर्ट के सख्त आदेशों के अनुपालन में की जा रही है।

  • हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी के आसपास सड़क, फुटपाथ और नाले-नालियों पर कब्जा कर बनाए गए वकीलों के 240 अवैध चैंबर तोड़ने का आदेश दिया था।

  • नगर निगम का स्पष्ट कहना है कि कार्रवाई से पहले बकायदा नोटिस चस्पा किए गए थे और वकीलों को खुद अवैध निर्माण हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था। मियाद पूरी होने के बाद ही यह बुलडोजर एक्शन हुआ है।

इन इलाकों में चल रहा है अभियान

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य रूप से स्वास्थ्य भवन चौराहे से चकबस्त चौराहे, सदर तहसील, निबंधन कार्यालय, रेजिडेंसी से सीएमओ कार्यालय और स्वास्थ्य भवन से जिला सत्र न्यायालय की ओर जाने वाली सड़क पर अवैध चैंबर बनाए गए थे। इनमें से कई कब्जेदार बेहद प्रभावी लोग हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में भी नगर निगम और पुलिस ने यहां 20 अवैध चैंबर तोड़े थे, लेकिन प्रभावशाली लोगों ने बाद में इन्हें फिर से खड़ा कर लिया था। अब हाई कोर्ट के डंडे के बाद प्रशासन किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है।