Modi Cabinet Expansion BJP Team

BJP की नई टीम और मोदी कैबिनेट विस्तार पर मंथन तेज – सूत्र

बंगाल-असम के बाद अब BJP संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी; नितिन नवीन की नई टीम और मोदी कैबिनेट विस्तार पर मंथन तेज”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल और असम में सफलतापूर्वक सरकार गठन का काम पूरा होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूरा फोकस संगठन और सरकार के भीतर बड़े बदलावों पर टिक गया है।

पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के गठन को लेकर मंथन तेज हो गया है। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मोदी कैबिनेट में भी बड़े फेरबदल (Cabinet Expansion) की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

युवा और अनुभव का होगा शानदार मिश्रण

नितिन नवीन के नेतृत्व में बनने वाली इस नई टीम में ‘पीढ़ी परिवर्तन’ का स्पष्ट संदेश देने की तैयारी है।

  • युवाओं पर दांव: राज्यों के ऊर्जावान और युवा चेहरों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। पार्टी नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मानना है कि इससे आगामी 15-20 वर्षों तक पार्टी में नए नेतृत्व का संकट नहीं रहेगा।

  • किसे क्या जिम्मेदारी: माना जा रहा है कि महासचिव जैसे अहम पदों पर युवाओं को मौका दिया जाएगा, जबकि उपाध्यक्ष पदों पर वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को तरजीह दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, नई टीम का ऐलान 26 मई (मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर) से ठीक पहले किया जा सकता है।

9 जून के आसपास मोदी कैबिनेट में ‘बड़ी सर्जरी’ के संकेत

संगठन के साथ-साथ सरकार के स्तर पर भी बदलाव तय माने जा रहे हैं। पूरी संभावना है कि 9 जून को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा तय हो जाए।

  • नौकरशाही में बदलाव से मिले संकेत: हाल ही में कई अहम मंत्रालयों की नौकरशाही में अचानक हुए भारी बदलावों से स्पष्ट संदेश गया है कि प्रधानमंत्री कुछ मंत्रालयों के कामकाज से खुश नहीं हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल में एक ‘बड़ी सर्जरी’ (कई मंत्रियों की छुट्टी) हो सकती है।

  • AAP से आए नेताओं को इनाम: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात राज्यसभा सांसदों में से किसी एक को मंत्रिमंडल में जगह देकर पुरस्कृत किया जा सकता है।

चुनावी राज्यों पर है नजर

इस पूरे फेरबदल के केंद्र में अगले साल होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनाव हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं और जातीय समीकरणों को साधने के लिए नई टीम और कैबिनेट दोनों में इन राज्यों को विशेष तवज्जो दी जाएगी।