“2025” में भाजपा ने बदल डाला सियासी नक्शा : 21 राज्यों में NDA की सत्ता
“भारतीय राजनीति के लिए साल 2025 ‘परिवर्तन और कीर्तिमान’ का वर्ष साबित हुआ है। 2024 के लोकसभा चुनावों में स्पष्ट बहुमत से चूकने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत भले ही चुनौतीपूर्ण रही हो, लेकिन एक साल के भीतर ही भाजपा ने राज्यों के चुनावों में शानदार प्रदर्शन कर देश का सियासी नक्शा बदल दिया है”
मौजूदा समय में 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की सरकार है, जो पार्टी के अब तक के सबसे मजबूत दौर की ओर इशारा कर रहा है।
दिल्ली और बिहार: 2025 की दो निर्णायक जीत
साल 2025 में हुए दो प्रमुख विधानसभा चुनावों ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है:
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दिल्ली में 27 साल का ‘वनवास’ खत्म: भाजपा के लिए इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सत्ता की वापसी रही। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी आम आदमी पार्टी (AAP) को सत्ता से बेदखल कर भाजपा ने 27 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाई। यह न केवल अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा झटका है, बल्कि भाजपा के लिए एक मनोवैज्ञानिक जीत भी है।
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बिहार में ‘बड़ा भाई’ बनी भाजपा: बिहार के चुनावी नतीजों ने एनडीए को मजबूती दी, लेकिन गठबंधन के भीतर सत्ता का संतुलन बदल गया। अब तक आरजेडी या जेडीयू के पीछे रहने वाली भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बिहार में एनडीए की जीत ने यह साफ कर दिया कि गठबंधन में अब भाजपा की भूमिका ‘बड़े भाई’ की है।
सियासी नक्शा: कहां कितनी मजबूती?
वर्तमान में देश के 21 राज्यों में एनडीए की सत्ता है। 2024 में यह आंकड़ा 20 राज्यों का था।
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हिंदी बेल्ट में दबदबा: उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में भाजपा का एकतरफा नियंत्रण है।
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पूरब और दक्षिण: ओडिशा में भाजपा की सरकार और आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू (TDP) के साथ गठबंधन ने दक्षिण और पूर्वी भारत में एनडीए को नई संजीवनी दी है।
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पूर्वोत्तर: असम, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय सहित लगभग पूरे पूर्वोत्तर में एनडीए का झंडा बुलंद है।
2024 के परिणामों का प्रभाव: एक नजर में
| राज्य | परिणाम | मुख्य चेहरा |
| हरियाणा | भाजपा की तीसरी बार वापसी | नायब सिंह सैनी |
| ओडिशा | भाजपा की पहली ऐतिहासिक जीत | मोहन चरण मांझी |
| महाराष्ट्र | महायुति (NDA) का दबदबा | देवेंद्र फडणवीस |
| आंध्र प्रदेश | टीडीपी + एनडीए की भारी जीत | एन. चंद्रबाबू नायडू |
कांग्रेस और विपक्ष के लिए बढ़ती मुश्किलें
जहां भाजपा रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है, वहीं कांग्रेस और ‘INDIA’ गठबंधन के लिए 2025 का साल निराशाजनक रहा। दिल्ली और बिहार दोनों राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद फीका रहा। दिल्ली में पार्टी का वोट बैंक पूरी तरह खिसक गया, जिससे लगभग 70 साल तक देश पर राज करने वाली इस पार्टी की भविष्य की राहें और कठिन नजर आ रही हैं।
| विवरण | साल 2024 | साल 2025 |
| NDA शासित राज्य | 20 | 21 |
| दिल्ली की स्थिति | AAP सरकार | BJP सरकार |
| बिहार की बड़ी पार्टी | RJD | BJP |
| मुख्य उपलब्धि | गठबंधन की वापसी (केंद्र) | राज्यों में प्रचंड विस्तार |
2026: क्या बनेगा नया कीर्तिमान?
भाजपा अब अपने सबसे बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज पर है।
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पिछला रिकॉर्ड: 2018 में भाजपा और सहयोगी दल 21 राज्यों में सत्ता में थे।
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आगामी चुनौती: 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं। यदि भाजपा या उसके सहयोगी इनमें से किसी भी नए राज्य में जीत हासिल करते हैं, तो भारत के इतिहास में पहली बार किसी गठबंधन की 22 राज्यों में सरकार होगी।
2025 के चुनावी नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र में गठबंधन सरकार चलाने के बावजूद, राज्यों में भाजपा की पकड़ न केवल बरकरार है, बल्कि और अधिक मजबूत हुई है।











