पश्चिम बंगाल चुनाव: कूचबिहार में BJP उम्मीदवार पर हमला, मालदा में NIA ने 7 को किया गिरफ्तार | The Politics Again
पश्चिम बंगाल चुनाव में भारी बवाल: कूचबिहार में BJP उम्मीदवार पर हमला, मालदा में NIA ने कांग्रेस प्रत्याशी समेत 7 को किया गिरफ्तार
कोलकाता/कूचबिहार: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है। सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब हिंसक रूप ले चुकी है।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर एक-दूसरे के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जो कई जगहों पर मारपीट और हिंसक झड़पों में तब्दील हो रहा है।
कूचबिहार में BJP उम्मीदवार सावित्री बर्मन की गाड़ी पर हमला
चुनावी हिंसा का एक ताजा और गंभीर मामला कूचबिहार जिले के माथाभंगा इलाके से सामने आया है।
आरोप है कि यहां टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी उम्मीदवार सावित्री बर्मन के काफिले पर जानलेवा हमला कर दिया और उनकी गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की।
इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। स्थिति को बेकाबू होता देख चुनाव आयोग के निर्देश पर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी संख्या में पुलिस बल व केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की तैनाती कर दी गई है।
घटना से आक्रोशित स्थानीय बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग से तत्काल दखल देने और सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की सख्त मांग की है।
मालदा में NIA का बड़ा एक्शन: न्यायिक अधिकारियों के घेराव मामले में 7 गिरफ्तार
वहीं दूसरी ओर, राज्य के मालदा जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच NIA ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के गंभीर मामले में कांग्रेस के एक उम्मीदवार सहित 7 लोगों को हिरासत में ले लिया है। इस मामले में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के एक पंचायत सदस्य की भी गिरफ्तारी हुई है।
कांग्रेस प्रत्याशी सायम चौधरी चुनाव प्रचार के दौरान हिरासत में
जानकारी के मुताबिक, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान नामों को हटाए जाने के विरोध में मालदा में स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया गया था। इसी मामले में NIA ने यह सख्त कदम उठाया है।
अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस के मोथाबाड़ी विधानसभा सीट से उम्मीदवार सायम चौधरी को उनके कुछ सहयोगियों के साथ उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वे अलीनगर पंचायत क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद NIA को सौंपी गई थी जांच
गौरतलब है कि मालदा में 1 अप्रैल को हुए इस घेराव की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल प्रशासन की कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने इस पूरी घटना की जांच का जिम्मा NIA को सौंप दिया था।
NIA अधिकारी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में ISF के ग्राम पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी को एआईएमआईएम (AIMIM) सदस्य मोफक्करुल इस्लाम से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
मोफक्करुल इस्लाम को इससे पहले राज्य पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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