लोकसभा में पास हुआ बिल, क्या अब UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
लोकसभा में पास हुआ अहम बिल: क्या अब UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज? जानें नए नियम और सरकार का प्लान”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
डिजिटल पेमेंट और UPI का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर है। लोकसभा ने गुरुवार को भारी हंगामे के बीच ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ को ध्वनि मत से पास कर दिया।
इस बिल के जरिए ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ में एक बड़ा और अहम संशोधन किया गया है।
इस संशोधन से केंद्र सरकार को यह कानूनी अधिकार मिल गया है कि वह भविष्य में बैंकों और ‘पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स’ (PSP) को UPI ट्रांज़ैक्शन और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर चार्ज लगाने की अनुमति दे सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बिल को बिना किसी चर्चा के मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे तुरंत कोई नया चार्ज लागू नहीं हो रहा है।
क्या कहता है नया संशोधन?
यह नया संशोधन ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट’ की धारा 10A के तहत मौजूदा प्रावधान में बदलाव करता है।
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अब तक इस धारा के तहत बैंकों और पेमेंट प्रोवाइडर्स को ‘इनकम टैक्स एक्ट’ की धारा 269SU के अंतर्गत आने वाले इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट (जैसे- BHIM-UPI और RuPay डेबिट कार्ड) पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) या कोई भी डायरेक्ट/इनडायरेक्ट चार्ज वसूलने पर रोक थी।
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नए बिल में पुराने शब्दों की जगह “इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का एक या ज़्यादा तरीका, जिसे केंद्र सरकार नोटिफिकेशन के ज़रिए बताए” जोड़ा गया है।
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आसान भाषा में, इससे कानूनी रोक हट गई है और अब सरकार के पास यह तय करने का अधिकार होगा कि किन डिजिटल पेमेंट्स पर सर्विस चार्ज लगाया जा सकता है।
क्या अब हर UPI पेमेंट पर कटेगा पैसा?
बिल के पास होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आज या कल से आपके UPI ट्रांज़ैक्शन पर अपने-आप चार्ज लगने लगेंगे।
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यह संशोधन केवल सरकार को भविष्य की पॉलिसी बनाने की छूट देता है।
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जब तक सरकार इस संबंध में कोई अलग और स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक UPI ट्रांज़ैक्शन बिल्कुल पहले की तरह ही मुफ्त (Free) और मौजूदा सिस्टम के तहत ही होते रहेंगे।
MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) की रुकावट हटी
बता दें कि इनकम टैक्स एक्ट की धारा 269SU के तहत 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा सालाना टर्नओवर वाले बिज़नेस के लिए ग्राहकों को UPI और RuPay जैसे डिजिटल पेमेंट ऑप्शन देना जरूरी है।
कानूनी रोक की वजह से बैंक इस पर MDR नहीं लगा पा रहे थे, जिसकी वे लंबे समय से मांग कर रहे थे।
इस संशोधन से वह कानूनी अड़चन दूर हो गई है, जिससे पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए भविष्य में नए नियम बनाए जा सकेंगे।











