संसद का गतिरोध: रिजिजू ने राहुल गांधी से की बात, मांगा समर्थन
संसद का गतिरोध खत्म करने की पहल: रिजिजू ने राहुल गांधी से की बात, बोले- ‘हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, दुश्मन नहीं’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
संसद के मॉनसून सत्र में लगातार तीन हफ्तों से जारी भारी हंगामे और गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने एक बार फिर विपक्ष की ओर हाथ बढ़ाया है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी से मुलाकात की।
इस अहम बातचीत का मुख्य एजेंडा संसद को सुचारू रूप से चलाना और महिला आरक्षण व परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण बिलों पर विपक्ष का समर्थन हासिल करना था।
INDIA गठबंधन से चर्चा के बाद फैसला लेंगे राहुल गांधी
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार के पास अहम बिल पास कराने के लिए जरूरी संख्याबल पहले से मौजूद है, लेकिन प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते वह कांग्रेस को भी साथ लेकर चलना चाहती है।
इस प्रस्ताव पर राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि वह कोई भी अंतिम फैसला लेने या सरकार से आधिकारिक बातचीत करने से पहले ‘INDIA’ गठबंधन में शामिल अपनी सभी सहयोगी पार्टियों से सलाह-मशविरा करेंगे।
“हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, दुश्मन नहीं”
मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही।
उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहते हैं। हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जरूर हो सकते हैं, लेकिन एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं। इसलिए हमें देशहित में मिलकर काम करना चाहिए।”
रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाहर जानबूझकर ऐसी धारणा बनाई जा रही है कि सरकार सदन नहीं चलने देना चाहती, जबकि हकीकत इसके उलट है।
विपक्ष के वॉकआउट से नए सांसदों का ही नुकसान
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी पर तीखी प्रतिक्रिया दी:
-
सदन में मौजूद रहते हैं मंत्री: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहते हैं और बिलों पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष के सदस्य खुद सदन को चलने नहीं देते और बाहर जाकर नारेबाजी करते हैं।
-
बिलों पर हो रही चर्चा: रिजिजू ने साफ किया कि राज्यसभा में कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों के वॉकआउट (Walkout) के बावजूद बिलों को पूरी चर्चा के बाद ही पास किया जा रहा है, जिसमें कई अन्य सांसद हिस्सा ले रहे हैं।
-
नए सांसदों का नुकसान: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस हंगामे से आखिरकार कांग्रेस का ही नुकसान हो रहा है। विशेषकर उनके नए चुने गए सांसद, जो सदन में अपनी बात रखने का सुनहरा मौका गंवा रहे हैं।
पेपर लीक पर सरकार सख्त, विपक्ष कर रहा ‘ड्रामा’
नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस समस्या को हल करने के लिए क्रांतिकारी फैसले लिए हैं।
इसके बावजूद विपक्ष सुबह-सुबह एक ही मुद्दे पर सिर्फ ‘ड्रामा’ करता है और भगवान राम का अपमान करने जैसा व्यवहार करता है।
उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और उनका यह रवैया कतई सही नहीं है।











