A delegation of Christian leaders led by DMK MP P Wilson meeting Home Minister Amit Shah regarding the FCRA Amendment Bill 2026.

FCRA बिल 2026: ईसाई नेताओं ने अमित शाह से की वापसी मांग

FCRA संशोधन बिल 2026: ईसाई नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने की अमित शाह से मुलाकात, की बिल वापस लेने की मांग”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे प्रस्तावित ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ (FCRA Amendment Bill 2026) का विरोध तेज हो गया है।

बृहस्पतिवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन के नेतृत्व में ईसाई नेताओं के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर इस विवादित विधेयक को वापस लेने का कड़ा आग्रह किया है।

बिल के ‘जब्ती वाले स्वरूप’ पर जताई कड़ी आपत्ति

ईसाई नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से विधेयक के उस प्रावधान का विरोध किया है, जिसमें संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार दिया गया है।

  • उनका तर्क है कि यह प्रस्तावित कानून मौजूदा नियामक व्यवस्था को खत्म कर ऐसी व्यवस्था लागू करेगा, जिसका देशभर के सामाजिक और धर्मार्थ (Charitable) संस्थानों पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

  • प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि मौजूदा FCRA अधिनियम की ‘धारा 15’ को भी हटाया जाना चाहिए।

बिल वापस न लेने पर JPC को भेजने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने एक वैकल्पिक मांग भी रखी है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि सरकार इस विधेयक को पूरी तरह से वापस नहीं लेना चाहती है,

तो उसे ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010’ की व्यापक समीक्षा के साथ इस नए संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजना चाहिए, ताकि इस पर विस्तृत चर्चा और अध्ययन हो सके।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे

‘जॉइंट एक्शन फोरम ऑन माइनॉरिटीज’ (Joint Action Forum on Minorities) द्वारा जारी बयान के अनुसार, सांसद पी. विल्सन की अगुवाई वाले इस प्रतिनिधिमंडल में देश के प्रमुख ईसाई समुदायों और संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें मुख्य हैं:

  • आर्कबिशप अनिल काउटो

  • सीएसआई (CSI) मॉडरेटर के. रूबेन मार्क

  • प्रख्यात प्रचारक पॉल दिनाकरन

  • कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) के प्रतिनिधि

  • नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इन इंडिया (NCCI) के प्रतिनिधि

  • चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) के प्रतिनिधि

मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि गृह मंत्रालय सामाजिक और धर्मार्थ संगठनों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा।