“बिहार में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी संबंधित विभाग और अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है”
पटना 04 / 08 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
इस बीच पटना में डबल-डेकर पुल की सड़क भी भारी बारिश के चले डैमेज हो गई है। दरअसल, इस सड़क के नीचे बनी पाइप के जाम होने से पानी का ठहराव होने से सड़क को नुकसान हुआ है। पथ निर्माण मंत्री और बीजेपी नेता नितिन नवीन ने फोन पर यह जानकारी दी है।
मौसम विभाग द्वारा रविवार को जारी जिलावार नवीनतम बारिश बुलेटिन के अनुसार, दो अगस्त से अब तक पटना, बांका, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गयाजी, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, नालंदा और वैशाली समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
रविवार को राज्य की राजधानी पटना में लगातार बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कें और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए पटना, गयाजी, जमुई, औरंगाबाद, खगड़िया, बांका, वैशाली, समस्तीपुर, शेखपुरा, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, अरवल, पश्चिमी चंपारण और नवादा समेत कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।
राज्य जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। उन्होंने बताया कि जल प्रवाह बढ़ने से कई बांधों में जलस्तर भी बढ़ गया है।
अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के कारण भी कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को छू रही हैं या उससे ऊपर बह रही हैं।
उन्होंने बताया कि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, भागलपुर और पटना जिलों के कुछ इलाकों में खास तौर से निचले इलाकों के ग्रामीणों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
जल संसाधन विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुछ क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश के कारण गंगा, कोसी, सोन, बागमती, गंडक, कमला और अदरवा सहित प्रमुख नदियों के जलस्तर में पिछले कुछ दिनों से वृद्धि जारी है।
रिपोर्ट में कहा गया कि गंगा भागलपुर में और पटना के गांधी घाट और हाथीदह में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि बूढ़ी गंडक पूर्वी चंपारण में और कोसी सुपौल एवं खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर है।
जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “लगभग सभी नदियों में उनके पूरे प्रवाह में जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे उनके किनारों के निचले इलाके डूब गए हैं। हालांकि, सभी तटबंध सुरक्षित हैं।” इस बीच, मुख्यमंत्री ने रविवार को आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का निरीक्षण किया।
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