डाक विभाग और फ्लिपकार्ट में बड़ा समझौता, डाकघरों से होगी डिलीवरी
भारत में ई-कॉमर्स डिलीवरी में क्रांति: डाक विभाग और फ्लिपकार्ट के बीच बड़ा समझौता, 1.6 लाख डाकघरों से गांव-गांव पहुंचेंगे पार्सल”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत के ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को नई ताकत देने और देशभर में अंतिम छोर (Last-Mile) तक डिलीवरी सेवाओं को आसान बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
भारतीय डाक विभाग (DoP) और ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Flipkart) ने पार्सल डिलीवरी सेवाओं के विस्तार के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस महत्वपूर्ण साझेदारी का मुख्य उद्देश्य डाक विभाग के विशाल और भरोसेमंद नेटवर्क तथा फ्लिपकार्ट की मजबूत ई-कॉमर्स उपस्थिति का लाभ उठाकर ग्राहकों को पहले से अधिक तेज, विश्वसनीय और बेहतर डिलीवरी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
नई दिल्ली में हुआ अहम करार
नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डाक विभाग के पार्सल निदेशालय के महाप्रबंधक नीरज कुमार झा और फ्लिपकार्ट इंडिया के वाणिज्यिक निदेशक हरविंदर कपूर ने इस समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर डाक विभाग के पार्सल और सीसीएस निदेशालय के मुख्य महाप्रबंधक अदनान अहमद तथा फ्लिपकार्ट के निदेशक (कॉर्पोरेट कार्य) डिप्पी वंकानी सहित दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समझौते की मुख्य बातें और ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाएं
इस करार के बाद फ्लिपकार्ट के ग्राहकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कई बड़े फायदे होंगे:
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1.6 लाख डाकघरों का मिलेगा नेटवर्क: समझौते के तहत डाक विभाग पूरे भारत में फ्लिपकार्ट के शिपमेंट की अंतिम दूरी तक डिलीवरी करेगा।
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फ्लिपकार्ट को देश भर में फैले 1.6 लाख से अधिक डाकघरों के व्यापक वितरण नेटवर्क की ताकत मिलेगी।
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दूरस्थ इलाकों तक आसान पहुंच: इस साझेदारी से अब केवल शहरी ही नहीं, बल्कि अर्ध-शहरी, ग्रामीण और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों तक भी ई-कॉमर्स पार्सल की पहुंच आसान और तेज हो जाएगी।
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आधुनिक तकनीक का एकीकरण: ग्राहकों को प्रीपेड और कैश ऑन डिलीवरी (COD) की सुविधा के साथ-साथ OTP आधारित सुरक्षित डिलीवरी और ‘रियल टाइम शिपमेंट ट्रैकिंग’ (Real-Time Tracking) जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
ई-कॉमर्स क्षेत्र और डाक विभाग दोनों को मिलेगा ‘बूस्ट’
यह सहयोग भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और कंपनियों की ग्रामीण बाजार तक पहुंच आसान होगी।
दूसरी ओर, इस साझेदारी से डाक विभाग के पार्सल कारोबार को भी भारी मुनाफा और नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विभाग अब अपने वितरण नेटवर्क का अधिक प्रभावी व्यावसायिक उपयोग कर सकेगा। यह ऐतिहासिक समझौता डाक विभाग के उस विजन के बिल्कुल अनुरूप है।
जिसके तहत वह खुद को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने वाली ‘अग्रणी लॉजिस्टिक संस्था’ के रूप में स्थापित करना चाहता है।











