भदोही: 18 मिनट के तूफान ने मचाई तबाही, 17 की मौत
भदोही में कुदरत का भीषण कहर: सिर्फ 18 मिनट की आंधी ने बिछाई लाशें, 17 लोगों की दर्दनाक मौत; ट्रेनें और बिजली आपूर्ति पूरी तरह रही ठप”
भदोही: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में बुधवार शाम मौसम ने ऐसा खौफनाक रूप लिया कि पूरे जिले में हाहाकार मच गया।
दिनभर की भीषण तपन और गर्म हवाओं के बाद शाम करीब 5:30 बजे अचानक आई 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी ने जमकर तबाही मचाई।
इस विनाशकारी तूफान के कारण जिले के अलग-अलग स्थानों पर पेड़, दीवारें और बिजली के खंभे गिरने से 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
तूफान का असर इतना भयानक था कि ट्रेनें बीच रास्ते में रोकनी पड़ीं और पूरे जिले की बिजली गुल हो गई।
18 मिनट की आंधी में उजड़ गए कई परिवार
कृषि विज्ञान केन्द्र बेजवां के प्रभारी अजीत चतुर्वेदी के अनुसार, पिछले दो दिनों में तापमान में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण वायुमंडलीय दबाव बना, जिसने इस भयानक तूफान का रूप ले लिया।
महज 18 मिनट तक चली इस आंधी ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। हादसों में जान गंवाने वालों का विवरण बेहद हृदयविदारक है:
-
सुरियावां के अभोली (खड़गसेन गोकुल पट्टी):
-
यहां पेड़ गिरने से एक ही परिवार के पांच लोग चपेट में आ गए। हादसे में मां सुधा (30) और उनकी तीन मासूम बेटियों—आरुषि (6), आरुही (4) और जूही (6) की मौत हो गई। 8 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल है, जिसे BHU रेफर किया गया है।
-
औराई (सरौली गांव): चौरा माता मंदिर और शादी समारोह में आई तीन महिलाओं—लालती देवी (42), गीता देवी (35) और राजकुमारी यादव (38) की पेड़ गिरने से मौत हो गई।
-
अन्य इलाकों जैसे दुर्गागंज, झींगतपुर, चक बनवारी, कुलमनपुर, जमुन्द, दुगुना, चांदी गहना और चकजोधी में भी दीवार, पेड़ और बिजली के पोल गिरने से 9 अन्य लोगों (राम हौसला बिंद, शमसुद्दीन, सुरसत्ती देवी, सवारी देवी, आसमा, संतोषी देवी, विवेक गौंड़ और जानकी देवी) ने अपनी जान गंवा दी।
रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़, ट्रेनों की रफ्तार पर लगी ब्रेक
आंधी ने परिवहन व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया। गोपीगंज इलाके में ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर (प्लेटफॉर्म संख्या एक) पर एक विशाल नीम का पेड़ सीधे 25 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार पर गिर गया।
तार टूटते ही प्लेटफॉर्म पर यात्रियों में भारी हड़कंप मच गया। इसके कारण इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा और चार ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। रामबाग से बलिया जाने वाली पैसेंजर ट्रेन भी सराय जगदीश हाल्ट पर घंटों खड़ी रही।
अंधेरे में डूबा जनपद, 70 से ज्यादा पेड़ और दर्जनों खंभे धराशायी
तूफान के कारण जिले भर की बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई है।
-
जिले में 70 से अधिक विशाल पेड़ जड़ से उखड़ गए।
-
12 से ज्यादा जगहों पर बिजली के तार और खंभे टूटे हैं।
-
कम से कम 4 से 5 हाईटेंशन टॉवर गिर गए हैं।
-
अकेले दुर्गागंज इलाके (अर्जुनपुर, सेमरा, गौरा आदि) में 65 से अधिक बिजली के पोल धराशायी हुए हैं।
इसके अलावा तेज हवाओं के कारण रामपुर घाट और नेवढिया का पीपा पुल भी बह गया। आंधी शांत होने के बाद जिला प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों और BHU में चल रहा है।











