बंगाल: हुमायूं कबीर का भड़काऊ बयान, ‘होगी गाय की कुर्बानी’
बंगाल में बकरीद से पहले सियासी बवाल: हुमायूं कबीर का भड़काऊ बयान- ‘शुभेंदु सरकार रोके तो भी होगी गाय की कुर्बानी’
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार
बकरीद (Eid-ul-Adha) के त्योहार से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की सियासत में ‘गाय की कुर्बानी’ को लेकर एक नया और गहरा विवाद खड़ा हो गया है।
‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने गोकशी को लेकर एक बेहद भड़काऊ और विवादास्पद बयान दिया है।
हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि कोई भी गाय की कुर्बानी को नहीं रोक सकता है। उनके इस बयान के बाद राज्य का सियासी तापमान अचानक चढ़ गया है।
‘कुर्बानी तो होगी, कोई रोक नहीं सकता’
हुमायूं कबीर ने राज्य सरकार के निर्देशों पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा,
“सरकार सुबह क्या बोल रही है और दूसरे दिन क्या बोल रही है, मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। वे (सरकार) मुसलमानों को गाय खाने से मना कर रहे हैं। यह उनकी सरकार है, वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन कुर्बानी तो होकर ही रहेगी।”
कबीर ने अपनी बात को और तीखा करते हुए कहा कि गाय, बकरी, ऊंट और दुम्बा— जो भी पशु कुर्बानी के लिए जायज हैं, उन सभी की कुर्बानी होगी और इसे दुनिया की कोई भी ताकत रोक नहीं सकती है।
‘शुभेंदु सरकार चलाएं, लेकिन 1400 साल पुरानी परंपरा नहीं रुकेगी’
AJUP चीफ हुमायूं कबीर ने खुलेआम कहा,
“कुर्बानी के लिए कोई मना करेगा भी, तो उसे नहीं सुना जाएगा। यह ठीक है कि लोगों ने शुभेंदु अधिकारी को वोट दिए हैं, सत्ता में वे आ गए हैं, वो सरकार चलाएंगे… लेकिन मेरा स्पष्ट कहना है कि यह कुर्बानी 1400 साल पहले से होती आ रही है। जब तक यह दुनिया रहेगी, तब तक कुर्बानी होती रहेगी।”
कौन हैं विवादित बयान देने वाले हुमायूं कबीर?
हुमायूं कबीर का विवादों से बहुत पुराना और गहरा नाता रहा है:
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बाबरी मस्जिद का ऐलान और TMC से निष्कासन: कबीर वही नेता हैं, जिन्होंने दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम पर एक नई मस्जिद के निर्माण का ऐलान कर भारी बवाल खड़ा कर दिया था।
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इस घोषणा के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी (TMC) ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।
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नई पार्टी का गठन और जीत: TMC से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) का गठन किया।
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अपने पहले ही चुनाव में कबीर ने खुद रेजीनगर (Rejinagar) और नौदा (Nowda) विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों ही जगहों पर शानदार जीत दर्ज कर बंगाल की राजनीति में अपनी ताकत का अहसास कराया।
अब बकरीद से ठीक पहले गोकशी पर दिए गए उनके इस ताजा बयान से पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ध्रुवीकरण और सियासी टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।











