बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बड़ा मोड़: अभिषेक कुमार 'बंटी' के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। इस हाई-प्रोफाइल सीट से प्रशांत किशोर भी चुनावी मैदान में हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा उलटफेर: BJP उम्मीदवार अभिषेक ‘बंटी’ ने वापस लिया नामांकन, अब नीरज सिन्हा लड़ेंगे चुनाव”
पटना: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खेमे से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
इस हाई-प्रोफाइल सीट से भाजपा के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ‘बंटी’ ने अचानक अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है।
उनके इस कदम से बांकीपुर का पूरा चुनावी समीकरण बदल गया है। हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने इस सियासी घटनाक्रम के तुरंत बाद तेजी दिखाते हुए नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
अभिषेक कुमार ‘बंटी’ ने गुरुवार को ही पूरे जोश के साथ अपना नामांकन दाखिल किया था, लेकिन चंद घंटों के भीतर ही उनके पीछे हटने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
नामांकन वापस लेने के बाद अभिषेक कुमार बंटी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह से ‘पारिवारिक कारणों’ के चलते लिया है।
उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का औपचारिक पत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंप दिया है।
अपने फैसले की जानकारी देते हुए बंटी ने पत्र में लिखा, “मुझे भारतीय जनता पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में एनडीए का प्रत्याशी बनाया था। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व का मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूं। विनम्रतापूर्वक आग्रह है कि पारिवारिक कारणों से मैं विधानसभा उपचुनाव लड़ने में असमर्थ हूं।”
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पार्टी से नाराज नहीं हैं और एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में आगे भी पूरी निष्ठा के साथ भारतीय जनता पार्टी की सेवा करते रहेंगे।
अभिषेक कुमार सिन्हा के पीछे हटने के बाद बांकीपुर जैसी महत्वपूर्ण सीट पर ऊहापोह की स्थिति न बने, इसके लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने तुरंत नई रणनीति तैयार की।
कुछ ही समय बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लगाते हुए उन्हें इस हॉट सीट से अपना नया आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
बांकीपुर विधानसभा सीट का यह उपचुनाव इस बार पूरे प्रदेश की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण ‘जन सुराज’ (Jan Suraaj) के संस्थापक और मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर हैं। प्रशांत किशोर ने भी इसी सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
ऐसे में एक तरफ प्रशांत किशोर की सियासी एंट्री और दूसरी तरफ ऐन मौके पर भाजपा के उम्मीदवार का बदलना, इस सीट के मुकाबले को बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला बना रहा है।
अब देखना यह है कि भाजपा के नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा इस हाई-प्रोफाइल चुनावी चक्रव्यूह को कैसे भेदते हैं।
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