“असम में असम सिविल सेवा (ACS) की एक महिला अधिकारी नूपुर बोरा को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों को जांच के दौरान महिला अधिकारी के घर से बेहिसाब संपत्ति मिली है”
गुवाहाटी 17 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
नूपुर बोरा 2019 बैच की अधिकारी हैं। उन पर पिछले छह महीनों से विशेष सतर्कता शाखा की नजर थी। उन पर आरोप है कि वह जमीन के सौदों में गड़बड़ी करके मोटी रकम ले रही थीं। हाल ही में उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें पुलिस को भारी मात्रा में नकदी और गहने मिले।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
सिर्फ पांच साल की नौकरी में इस अधिकारी ने जो अकूत संपत्ति हासिल की, उसने सरकार से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नूपुर बोरा ने बरपेटा में सर्किल ऑफिसर रहते हुए हिंदुओं की जमीन संदिग्ध व्यक्तियों को ट्रांसफर की। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, खासकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “हमने पाया है कि उसने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 400 गुना ज्यादा संपत्ति जमा कर ली थी। हमारा मानना है कि सिर्फ निलंबन या नौकरी से बर्खास्तगी ही काफी नहीं होगी।
हमें कानूनी प्रक्रिया के जरिए सजा सुनिश्चित करनी होगी।” उन्होंने जनता से भी अपील करते हुए कहा कि अगर कोई अधिकारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत इसकी सूचना दी जाए।
पुलिस ने नूपुर बोरा के साथ काम करने वाले सुरजीत डेका नाम के एक कर्मचारी के घर पर भी छापा मारा है। जांचकर्ताओं को शक है कि इन दोनों ने मिलकर बरपेटा में कई जमीनों की खरीद-फरोख्त की है। अब उनकी बैंक डिटेल्स और जमीन के सभी सौदों की जांच की जा रही है।
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