असम : बेदखली पर खूनी संघर्ष; 2 की मौत, 38 पुलिसकर्मियों समेत 45 घायल

“असम के पहाड़ी जिलों कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग में ‘अवैध बेदखली’ के मुद्दे ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। दो गुटों के बीच हुए भीषण संघर्ष में कम से कम 2 लोगों की जान चली गई और 45 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए”

दीफू/गुवाहाटी 24 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

घायलों में 38 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पथराव का शिकार हुए। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने दोनों जिलों में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं।

कैसे भड़की हिंसा?

घटना की शुरुआत उस समय हुई जब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘बेदखली अभियान’ (Eviction Drive) के समर्थन और विरोध में दो स्थानीय गुट आमने-सामने आ गए।

  • झड़प और पथराव: दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हिंसक मारपीट और भारी पथराव में बदल गई।

  • पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, लेकिन जब भीड़ नहीं रुकी तो उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।

मुख्यमंत्री की कड़ी नजर, शांति की अपील

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से स्थिति की जानकारी साझा की:

“पश्चिम कार्बी आंगलोंग की स्थिति पर मैं खुद नजर रख रहा हूँ। दो अनमोल जानों का जाना बेहद दुखद है। शांति बहाली के लिए खेरानी और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सभी पक्षों के साथ संपर्क में है और मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की कोशिश की जा रही है।

इंटरनेट पर पाबंदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अफवाहों को रोकने के लिए असम के गृह विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

  1. डिजिटल लॉकडाउन: सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

  2. भारी बल की तैनाती: हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में असम पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को फ्लैग मार्च करने के निर्देश दिए गए हैं।

  3. अस्पतालों में अलर्ट: घायल पुलिसकर्मियों और नागरिकों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

विवाद की मुख्य जड़ क्या है?

कार्बी आंगलोंग में तनाव का मुख्य कारण भूमि विवाद है। सरकारी भूमि और वन क्षेत्रों से अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रशासन ने बेदखली अभियान शुरू किया है।

  • विरोधियों का तर्क: प्रदर्शनकारियों के एक गुट का कहना है कि वे वर्षों से यहाँ रह रहे हैं और उन्हें बिना उचित पुनर्वास के हटाना गलत है।

  • समर्थकों का रुख: वहीं, स्थानीय संगठनों का एक वर्ग इस अभियान का समर्थन कर रहा है ताकि बाहरी अतिक्रमण को रोका जा सके।

फिलहाल कार्बी आंगलोंग में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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