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कृषि समीक्षा: शिवराज सिंह ने बनाया अल नीनो से निपटने का प्लान

🌾’अल नीनो’ के खतरे से निपटने के लिए तैयार है मोदी सरकार: शिवराज सिंह चौहान ने बनाया मास्टर प्लान, अब हर हफ्ते होगी समीक्षा “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मानसून की दस्तक के साथ ही केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026 (Kharif 2026) के लिए कमर कस ली है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक कर देश के समग्र कृषि क्षेत्र की गहन समीक्षा की।

इस दौरान सबसे बड़ी चर्चा का विषय संभावित ‘अल नीनो’ (El Nino) रहा, जो बारिश पर असर डाल सकता है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कृषि मंत्री ने किसानों को मौसम की मार से बचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है:

🌧️ ‘अल नीनो’ के लिए जिलावार बनेगा ‘कंटिंजेंसी प्लान’

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन जिलों में अल नीनो के कारण कम बारिश या वर्षा में असमानता की आशंका है, वहां पहले से ही पूरी तैयारी कर ली जाए।

  • जिलाधिकारियों के साथ बैठक: जिन 9–10 राज्यों में अल नीनो का प्रभाव अधिक पड़ सकता है, वहां के जिला अधिकारियों और कृषि विभागों के साथ विशेष समन्वित बैठकें आयोजित की जाएंगी।

  • वैकल्पिक रणनीति: राज्य सरकारों के साथ मिलकर हर जोखिम वाले जिले के लिए अलग और व्यावहारिक ‘फसलवार कंटिंजेंसी प्लान’ (Contingency Plan) तैयार किया जाएगा। इसमें पानी के संरक्षण, नमी प्रबंधन और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर विशेष जोर दिया जाएगा।

🧵 कपास उत्पादन के लिए ‘मिशन मोड’ में काम

बैठक में खरीफ 2026 के लक्ष्यों और बुवाई की प्रगति की समीक्षा करते हुए ‘कपास उत्पादन’ (Cotton Production) बढ़ाने पर खास फोकस रहा।

  • श्री चौहान ने निर्देश दिए हैं कि कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मिशन मोड में मुहिम चलाई जाए।

  • इसके तहत वैज्ञानिक तरीकों, सही किस्मों के चयन, मल्चिंग (Mulching) और नमी संरक्षण जैसे उपायों को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा।

🫘 “दलहन आत्मनिर्भर भारत”: दालों के आयात पर कम होगी निर्भरता

किसानों की आय सुरक्षित करने के लिए ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

  • कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार का मुख्य प्रयास अरहर, उड़द और मूंग जैसी दालों के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि इनके आयात (Import) पर भारत की निर्भरता कम हो सके।

  • इसके लिए राज्यों के साथ मिलकर बेहतर बीज उपलब्धता और तकनीकी मार्गदर्शन पर काम किया जा रहा है।

🧪 खाद की नहीं होगी कोई कमी

समीक्षा के दौरान उर्वरकों (Fertilizers) की उपलब्धता और जलाशयों में पानी की स्थिति पर भी रिपोर्ट पेश की गई।

श्री चौहान ने आश्वस्त किया है कि राष्ट्रीय स्तर पर उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जहां कहीं भी खाद की कमी की आशंका दिखे, वहां अग्रिम रूप से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।

अंत में, केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि तकनीकी ज्ञान तभी सार्थक है जब वह समय पर खेत और किसान तक पहुंचे। इसी संकल्प के साथ अब कृषि क्षेत्र की हर हफ्ते साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।

नोट: भारतीय कृषि, मौसम विभाग (IMD) के अलर्ट और किसानों से जुड़ी हर सरकारी योजना की प्रामाणिक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।

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