दतिया उपचुनाव के दौरान पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था

दतिया उपचुनाव: बवाल के बाद प्रशासन सख्त, धारा-163 (BNSS) लागू

दतिया उपचुनाव: बवाल और चक्का जाम के बाद प्रशासन सख्त, पूरे अनुभाग में धारा-163 लागू; जानें क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित”

दतिया: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां और तनाव चरम पर है।

हाल ही में टिकट वितरण को लेकर हुए भारी बवाल और चक्का जाम के बाद अब प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है।

कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है।

अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) द्वारा जारी यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।

क्या है प्रतिबंधित और किसे है छूट?

प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के लिए कई गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगा दी है।

प्रतिबंधित गतिविधियां (धारा-163 के तहत)

छूट/अपवाद

बिना अनुमति कोई सभा, जुलूस, रैली या प्रदर्शन

पुलिस और होमगार्ड के जवान

5 या उससे अधिक लोगों का एक स्थान पर एकत्र होना

सीआरपीएफ और केंद्रीय सुरक्षा बल

सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, चाकू व घातक हथियार

ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी

सोशल मीडिया/पोस्टर से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले संदेश

न्यायिक अधिकारी (शासकीय कर्तव्य के दौरान)

बिना अनुमति लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग

चुनाव आयोग के अधिकृत कार्य

 

क्यों उठानी पड़ी प्रशासन को इतनी बड़ी सख्ती?

प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि यह सख्त कदम 10 जुलाई की रात की घटनाओं के बाद उठाया गया है।

दरअसल, झांसी-ग्वालियर हाईवे (NH-44) पर उपद्रवियों द्वारा चक्का जाम किया गया था, जिसके कारण 15 से 20 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया था।

इस दौरान कई वाहनों में भारी तोड़फोड़ की गई थी और पुलिस बल पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं।

ऐसी हिंसक और अराजक स्थिति दोबारा न पनपे, इसी को ध्यान में रखते हुए ये कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष उपचुनाव संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-223 के तहत तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए जिले में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।

राजनीतिक दलों की बढ़ी मुश्किलें

दतिया विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले धारा-163 लागू होने से जिले की राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। बिना पूर्व अनुमति के कोई भी राजनीतिक दल अब बड़े आयोजन या भीड़ इकट्ठा नहीं कर सकेगा।

अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासनिक सख्ती के बीच राजनीतिक दल और उनके कार्यकर्ता अपने प्रचार अभियान की आगे की रणनीति किस तरह तय करते हैं।