पीएम मोदी नारी शक्ति

पीएम मोदी ने साझा किया मंत्री अन्नपूर्णा देवी का लेख, नारी शक्ति पर जोर

“महिला-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था: पीएम मोदी ने साझा किया मंत्री अन्नपूर्णा देवी का लेख, ‘नारी शक्ति’ को बताया विकसित भारत का आधार”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ‘महिला विकास’ (Women Development) से एक कदम आगे बढ़कर अब ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ (Women-Led Development) की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण लेख साझा किया है।

इस लेख में भारत में महिलाओं की राजनीतिक और प्रशासनिक भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए एक स्पष्ट और विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

‘प्रतिनिधित्व को वास्तविक प्रभाव में बदलना जरूरी’

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस लेख को पोस्ट करते हुए महिला नेतृत्व के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के केवल प्रतिनिधित्व से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसे ‘वास्तविक प्रभाव’ (Real Impact) में बदलना समय की मांग है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा ‘नारी शक्ति’ को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है और इसी विजन के तहत महिला-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को पूरे देश में बढ़ावा दिया जा रहा है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: सशक्तिकरण का अहम कदम

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) का विशेष रूप से जिक्र किया।

उन्होंने इस अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह पहल भारत को पूरी तरह से महिला-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था की ओर ले जा रही है।

पीएम के अनुसार, राजनीति और नीति-निर्माण में महिलाओं की यह मजबूत भागीदारी ही भविष्य के ‘विकसित भारत’ के निर्माण का सबसे प्रमुख स्तंभ बनेगी।

लेख में है भविष्य की कार्ययोजना का खाका

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के इस लेख में इस बात की विस्तृत रणनीति बताई गई है कि कैसे निर्णय लेने की प्रक्रिया (Decision-making process) में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत किया जाए।

लेख में शिक्षा, रोजगार, राजनीति और सामाजिक क्षेत्रों में महिलाओं की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सरकार की भविष्य की कार्ययोजनाओं का उल्लेख किया गया है।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि जब देश की आधी आबादी शासन और नेतृत्व में अपनी पूरी क्षमता के साथ भागीदार बनेगी, तो देश के समग्र विकास को एक नई और अभूतपूर्व दिशा मिलेगी।

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