TCS Nashik Conversion Case

TCS धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न केस: NIA-ATS करेगी जांच

TCS यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामला: जांच में शामिल होंगी NIA और ATS, मुख्य आरोपी फरार; कंपनी ने नासिक ऑफिस किया बंद

नासिक: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक स्थित कार्यालय में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) के सनसनीखेज मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है।

मामले की गंभीरता और इसके पीछे किसी बड़े सिंडिकेट या अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका को देखते हुए जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है।

नासिक पुलिस ने अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय और राज्य स्तर की शीर्ष जांच एजेंसियों से तकनीकी मदद मांगी है।

NIA, ATS और SID से मांगी गई सहायता

इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) अब गहराई से सुराग खंगाल रहा है। पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने बताया कि आरोपियों के संपर्कों, उनके नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों की गहन छानबीन करने के लिए पुलिस ने राज्य खुफिया विभाग (SID), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को पत्र लिखा है।

इन सभी एजेंसियों को अब तक की जांच के सभी विवरण सौंप दिए गए हैं ताकि तकनीकी और खुफिया स्तर पर मामले की तह तक जाया जा सके।

9 FIR दर्ज, 7 गिरफ्तार; मास्टरमाइंड ‘निदा खान’ की तलाश तेज

पीड़ित कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर पुलिस अब तक कुल नौ (9) एफआईआर (FIR) दर्ज कर चुकी है।

इन प्राथमिकियों में यौन उत्पीड़न, धमकी देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने और ब्लैकमेल कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसे बेहद गंभीर और संगीन आरोप शामिल हैं।

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 6 कर्मचारियों और ‘यूनिट ऑपरेशन मैनेजर’ अश्विनी चैनानी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने इन सभी आरोपियों को 28 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी (रिमांड) में भेज दिया है।

  • मुख्य साजिशकर्ता फरार: इस पूरे गिरोह की मास्टरमाइंड मानी जा रही एचआर मैनेजर (HR Manager) निदा खान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच एजेंसियों ने उसे पकड़ने के लिए अपनी तलाश तेज कर दी है और कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

TCS का बड़ा फैसला: नासिक BPO बंद, कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’

इस पूरे विवाद के सामने आने और मामला गरमाने के बाद टीसीएस (TCS) प्रबंधन ने कड़ा एहतियाती कदम उठाया है।

कंपनी ने नासिक कार्यालय में अपने बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग (BPO) के परिचालन को अस्थाई रूप से बंद कर दिया है।

कंपनी सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारियों की सुरक्षा, सुविधा और मानसिक शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी कर्मचारियों को अगले आदेश तक ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी भी स्थानीय पुलिस की जांच में पूरा सहयोग कर रही है।

आखिर क्या है TCS यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामला, और अब तक क्या कार्यवाई हुई

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का नासिक मामला एक बेहद गंभीर और हाई-प्रोफाइल विवाद है, जिसमें कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) के संगीन आरोप सामने आए हैं।

यह मामला TCS के नासिक स्थित BPO (बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग) कार्यालय से जुड़ा है।

आखिर मामला क्या है?

  • गंभीर आरोप: पीड़ित कर्मचारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें धमकाकर और ब्लैकमेल करके उनके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए गए। इसके साथ ही, उन पर जबरन धर्म परिवर्तन करने के लिए भारी दबाव डाला गया।

  • मुख्य आरोपी: इस पूरे सिंडिकेट और साजिश की ‘मास्टरमाइंड’ कंपनी की एचआर मैनेजर (HR Manager) निदा खान को बताया जा रहा है। उसके साथ यूनिट ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चैनानी और कई अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है।

अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

मामला सामने आने के बाद पुलिस, प्रशासन और TCS प्रबंधन की ओर से कई बड़े कदम उठाए गए हैं:

  • 9 FIR और 7 गिरफ्तारियां: नासिक पुलिस ने पीड़ित कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए यूनिट ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चैनानी सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्हें अदालत ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

  • मास्टरमाइंड फरार: मुख्य आरोपी और एचआर मैनेजर निदा खान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच एजेंसियां उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और कई ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

  • NIA और ATS की एंट्री: मामले की संवेदनशीलता और इसके पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या बड़े सिंडिकेट की आशंका को देखते हुए जांच का दायरा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है।

  • नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक के अनुसार, पुलिस ने मामले की गहन और तकनीकी जांच के लिए NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी), ATS (आतंकवाद निरोधक दस्ता) और SID (राज्य खुफिया विभाग) से सहायता मांगी है। इन एजेंसियों को अब तक की जांच के सभी सुराग सौंप दिए गए हैं।

  • TCS का एक्शन (कार्यालय बंद): विवाद के तूल पकड़ने और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, TCS प्रबंधन ने नासिक स्थित अपने BPO कार्यालय का परिचालन अस्थाई रूप से बंद कर दिया है।

  • कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को अगले आदेश तक सुरक्षित रूप से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल विशेष जांच दल (SIT) और शीर्ष एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, उनके नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं।

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.