शिमला राम मंदिर निकाह विवाद

शिमला : राम मंदिर हॉल में निकाह पर बवाल, हिंदू संगठनों की बड़ी चेतावनी

शिमला विवाद: राम मंदिर हॉल में मुस्लिम लड़की के निकाह पर बवाल, हिंदू संगठनों ने दी ‘सुअरों की बारात’ निकालने की चेतावनी 

शिमला: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक बड़ा और संवेदनशील विवाद सामने आया है। यहां के प्रसिद्ध राम मंदिर हॉल में एक मुस्लिम लड़की के निकाह को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा मोर्चा खोल दिया है।

11 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित इस निकाह को रुकवाने के लिए हिंदू संघर्ष समिति ने राम मंदिर की धर्मशाला चलाने वाली ‘सूद सभा’ को अल्टीमेटम दे दिया है और उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं, सूद सभा ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि यह कोई नई बात नहीं है।

11 अप्रैल को होना है निकाह, हिंदू संगठनों का कड़ा एतराज

जानकारी के अनुसार, शिमला की ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले मोहम्मद नासिर अपनी बेटी का निकाह 11 अप्रैल को सूद सभा द्वारा संचालित राम मंदिर हॉल में करने जा रहे हैं।

जैसे ही यह खबर फैली, हिंदू संघर्ष समिति ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। समिति के नेताओं का स्पष्ट कहना है कि मंदिर की संपत्ति और परिसर में किसी मुस्लिम परिवार का वैवाहिक कार्यक्रम उन्हें कतई स्वीकार्य नहीं है।

‘निकाह हुआ तो निकालेंगे सुअरों की बारात’

इस मुद्दे को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने सूद सभा को बाकायदा एक ज्ञापन सौंपा है। समिति के नेता विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर राम मंदिर हॉल में निकाह संपन्न हुआ, तो इसके खिलाफ शिमला में बहुत बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

विरोध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि समिति ने चेतावनी दी है कि वे विरोधस्वरूप ‘सुअरों की बारात’ निकालेंगे और मुंडन भी करवाएंगे।

सूद सभा की सफाई: ‘पहले भी हो चुके हैं 15 से ज्यादा निकाह’

बढ़ते बवाल के बीच राम मंदिर हॉल का प्रबंधन देखने वाली सूद सभा के अध्यक्ष राजीव सूद ने अपना रुख साफ किया है।

राजीव सूद ने कहा कि उनकी सभा सभी धर्मों और उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने बताया:

  • देश का संविधान और सूद सभा के नियम किसी को भी धर्म के आधार पर रोकने की इजाजत नहीं देते।

  • यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले पांच सालों में इसी हॉल में 15 से ज्यादा मुस्लिम परिवारों के निकाह शांतिपूर्ण तरीके से हो चुके हैं।

  • उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हॉल के कड़े नियम हैं- यहां मांस, मछली और मदिरा (शराब) का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित है और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

मंगलवार को होगी अहम बैठक

हिंदू संगठनों के आक्रामक विरोध और चेतावनी के बाद सूद सभा ने इस विवाद का हल निकालने के लिए मंगलवार को एक अहम बैठक बुलाई है।

इसी बैठक में तय होगा कि 11 अप्रैल को राम मंदिर हॉल में निकाह होगा या प्रबंधन अपने कदम पीछे खींचेगा। शिमला पुलिस और प्रशासन भी इस पूरे विवाद पर पैनी नजर बनाए हुए है।

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