बंगाल चुनाव 2026: 3000 अतिरिक्त फोर्स, 2400 CAPF कंपनियां होंगी तैनात
पश्चिम बंगाल चुनाव: EC का बड़ा एक्शन, UP-बिहार से बुलाई गई 3000 अतिरिक्त फोर्स, पूर्व पुलिस कमिश्नर की अर्जी खारिज “
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को पूरी तरह से निष्पक्ष और हिंसा मुक्त संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (EC) ने अभूतपूर्व और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
चुनावी हिंसा के पुराने इतिहास को देखते हुए आयोग इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अति-संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में 3,000 अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का बड़ा फैसला लिया गया है।
UP, MP और बिहार से आएगी फोर्स, 13 अप्रैल से तैनाती
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से 3,000 अतिरिक्त फोर्स बुलाई जा रही है।
यह फोर्स राज्य में पहले से मौजूद केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) के पूरक के रूप में काम करेगी। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इन अतिरिक्त सुरक्षा बलों का राज्य में आगमन 13 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से शुरू हो जाएगा।
2,400 CAPF कंपनियों का कड़ा पहरा
पश्चिम बंगाल में चुनाव की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में CAPF की 2,400 कंपनियों की तैनाती की पूरी प्लानिंग कर ली है।
23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के दौरान ये फोर्सेज मतदान केंद्रों के भीतर और बाहर दोनों जगह मोर्चे पर मुस्तैद रहेंगी, ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
EC की सख्ती: पूर्व कमिश्नर सुप्रतीम सरकार की अर्जी खारिज
चुनाव आयोग ने अधिकारियों के रवैये पर भी सख्ती दिखाई है। कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर सुप्रतीम सरकार ने मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए तमिलनाडु में ‘पुलिस पर्यवेक्षक’ (Police Observer) की ड्यूटी से छूट मांगी थी।
लेकिन आयोग ने उनकी इस अर्जी को साफ खारिज कर दिया है। सुप्रतीम सरकार को तमिलनाडु के तिरुनेलवेली, नंगुनेरी समेत कई महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों का जिम्मा सौंपा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने उन्हें बिना किसी छूट के तत्काल (सोमवार तक) अपनी ड्यूटी जॉइन करने का सख्त निर्देश दिया है।
ममता बनर्जी के आरोप और चुनाव का शेड्यूल
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोट डाले जाएंगे, जबकि 4 मई को मतगणना होगी।
चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है।
ममता बनर्जी लगातार आरोप लगा रही हैं कि निर्वाचन आयोग भाजपा के ‘मुखौटा संगठन’ के रूप में काम कर रहा है।
हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच तीखा टकराव भी देखने को मिला था।











