राहुल गांधी नागरिकता विवाद

राहुल गांधी नागरिकता विवाद : HC में हुई गोपनीय सुनवाई

राहुल गांधी नागरिकता विवाद : हाईकोर्ट में पेश हुए गृह मंत्रालय के गोपनीय दस्तावेज, जज के चैंबर में हुई ‘सीक्रेट’ सुनवाई

लखनऊ | संतोष सेठ की रिपोर्ट, The Politics Again

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़े विवाद ने अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ ले लिया है।

बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में इस मामले पर एक अहम सुनवाई हुई। मामला इतना संवेदनशील था कि गृह मंत्रालय के दस्तावेजों की गोपनीयता को देखते हुए न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ को यह सुनवाई खुली अदालत के बजाय अपने ‘चैंबर’ (बंद कमरे) में करनी पड़ी।

खुली अदालत में सुनवाई से केंद्र का इनकार

जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई, केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एसबी पाण्डेय ने न्यायालय से एक विशेष अनुरोध किया।

उन्होंने दलील दी कि चूँकि गृह मंत्रालय से मंगाए गए दस्तावेज काफी ‘गोपनीय प्रकृति’ (Confidential) के हैं, इसलिए इस मामले की सुनवाई खुली अदालत (Open Court) में न की जाए।

न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और मामले की सुनवाई अपने चैंबर में की।

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने पेश किया रिकॉर्ड

सुनवाई के बाद पारित आदेश के अनुसार, इस सीक्रेट पेशी में गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी विवेक मिश्रा और सहायक सेक्शन ऑफिसर प्रणव राय संबंधित रिकॉर्ड लेकर जज के चैंबर में उपस्थित हुए।

न्यायालय ने इन अति-गोपनीय दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन किया और इसके बाद रिकॉर्ड अंडर सेक्रेटरी को वापस सौंप दिया।

साथ ही, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर को इस मामले में केंद्र सरकार को भी पक्षकार (Party) बनाने की अनुमति दे दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 6 अप्रैल को मुकर्रर की गई है।

क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?

गौरतलब है कि कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने यह याचिका दाखिल की है। याची ने लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए (MP/MLA) अदालत के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था।

याची शिशिर ने अदालत से मांग की है कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की विस्तृत और गहन जांच कराई जाए।

याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक संहिता, पासपोर्ट अधिनियम (Passport Act) और ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (Official Secrets Act) के तहत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब सबकी निगाहें 6 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।

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