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जौनपुर: महंगाई और LPG किल्लत पर AAP का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल | The Politics Again

जौनपुर में ‘आप’ का हल्ला बोल: महंगाई और LPG की किल्लत पर कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

जौनपुर (The Politics Again): सुनील कुमार की रिपोर्ट 

देश भर में बढ़ती महंगाई, एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और गैस की किल्लत को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार को जौनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

‘आप’ के राष्ट्रीय नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

‘गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ रही है महंगाई’

प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए ‘आप’ के जिलाध्यक्ष राम रतन विश्वकर्मा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने हाल ही में हुई मूल्य वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा, “घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 120 रुपये की बढ़ोतरी सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग पर एक बड़ा हमला है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि इस बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। छोटे व्यापारियों के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

गैस की किल्लत के कारण जिले के होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े लाखों छोटे कारोबारी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय तनाव और सरकार की विफलता पर उठाए सवाल

पार्टी की जिला उपाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने इस संकट के पीछे की भू-राजनीतिक और कूटनीतिक वजहों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि भारत में उपयोग होने वाली लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात की जाती है।

  • ऊर्जा आपूर्ति पर असर: वर्तमान में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जो तनाव की स्थिति बनी हुई है, उसका सीधा असर देश की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है।

  • ठोस रणनीति का अभाव: चौधरी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पास इस अंतरराष्ट्रीय संकट से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं है।

  • रूस से तेल आयात: उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के दबाव में आकर केंद्र सरकार ने रूस से सस्ता तेल खरीदना कम कर दिया है, जिससे देश को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और इसका अंतिम बोझ महंगाई के रूप में आम जनता को उठाना पड़ रहा है।

‘रसोई चलाना हुआ मुश्किल, तुरंत मिले विशेष सब्सिडी’

महिला प्रकोष्ठ की जिला उपाध्यक्ष वंदना मिश्रा ने इस महंगाई के सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सबसे बुरा असर देश की महिलाओं और गृहिणियों पर पड़ रहा है।

उन्होंने सरकार से मांग की

  • महिलाओं और परिवारों की समस्याओं को समझते हुए रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी दी जाए।

  • बाजार में गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।

‘आप’ नेताओं ने अंत में यह आरोप भी लगाया कि गैस और ऊर्जा क्षेत्र में केवल कुछ चुनिंदा निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के कारण ही गैस की कीमतों में यह बेलगाम वृद्धि देखी जा रही है।

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