मछलीशहर: वनवासी महिलाओं का प्रदर्शन, आधार कार्ड न बनने पर आक्रोश
” मछलीशहर : वनवासी बस्ती की महिलाओं का तहसील पर प्रदर्शन, बच्चों के आधार और जन्म प्रमाण पत्र न बनने से शिक्षा पर संकट “
जौनपुर (मछलीशहर): द पॉलिटिक्स अगेन : मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट
समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े वनवासी समुदाय को आज भी अपने बुनियादी अधिकारों और सरकारी दस्तावेजों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
जौनपुर के मछलीशहर तहसील क्षेत्र में दर्जनों वनवासी महिलाओं ने अपने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड न बनने को लेकर ‘समाधान दिवस’ के मौके पर तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया।
शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे बच्चे
स्थानीय विकास खंड के नदान, सरायबिका, हिरामनपुर, बटनहित, बाड़ेपुर, जगन्नाथपुर, रामपुर कला, खरुआंवा और महापुर ग्राम पंचायतों से आई वनवासी समुदाय की महिलाओं का आरोप था कि सिस्टम की लेटलतीफी के कारण उनके बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
महिलाओं ने चिंता जताते हुए कहा कि इन अत्यंत आवश्यक प्रमाण पत्रों के अभाव में उनके बच्चों का स्कूलों में दाखिला नहीं हो पा रहा है, जिससे वे ‘शिक्षा के अधिकार’ (Right to Education) से पूरी तरह वंचित हो रहे हैं।
CRO ने दिया 13 मार्च को कैंप लगाने का निर्देश
अपनी गुहार लेकर महिलाओं ने समाधान दिवस में मौजूद अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व (CRO) अजय कुमार अंबष्ट को एक ज्ञापन सौंपा।
महिलाओं की इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए CRO अजय कुमार अंबष्ट ने मातहतों को सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने तहसीलदार, बीडीओ (BDO), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अधीक्षक और आशा कार्यकत्रियों को निर्देशित किया कि आगामी 13 मार्च को इन सभी प्रभावित गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएं।
इन कैंपों के माध्यम से वनवासी समुदाय की इस समस्या का मौके पर ही समाधान किया जाए और इसकी पूरी रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाए।












