AI समिट बना ‘कूटनीतिक मंच’: PM मोदी की ‘यूरोप नीति’ को मिली नई धार; स्पेन, फिनलैंड और एस्टोनिया के साथ भविष्य की साझेदारी
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ को केवल एक तकनीकी आयोजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक बड़े कूटनीतिक मिशन में बदल दिया”
नई दिल्ली : THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट
समिट के इतर पीएम मोदी ने यूरोप के 5 प्रमुख देशों—स्पेन, फिनलैंड, एस्टोनिया, सर्बिया और क्रोएशिया—के शीर्ष नेताओं के साथ मैराथन द्विपक्षीय बैठकें कीं।
इन मुलाकातों का केंद्र बिंदु केवल औपचारिक कूटनीति नहीं, बल्कि 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग रहा।
यह स्पष्ट संकेत है कि भारत अपनी ‘यूरोप नीति’ (Europe Policy) को तकनीकी और आर्थिक साझेदारी के जरिए नया आयाम दे रहा है।
स्पेन: 2026 होगा ‘संस्कृति और AI’ का वर्ष
स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ (Pedro Sánchez) के साथ हुई बैठक में रक्षा और बुनियादी ढांचे पर बड़ी सहमति बनी।
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बड़ा फैसला: वर्ष 2026 को ‘भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और AI वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
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फोकस: स्पेन यूरोपीय संघ और लैटिन अमेरिका के बीच भारत के लिए एक सेतु का काम करेगा।
एस्टोनिया: डिजिटल शक्ति से हाथ मिलाया
डिजिटल गवर्नेंस में दुनिया के अग्रणी देश एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार करिस (Alar Karis) के साथ पीएम मोदी ने साइबर सुरक्षा और ई-गवर्नेंस पर चर्चा की।
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अहम मुद्दा: भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को जल्द लागू करने पर जोर दिया गया।
फिनलैंड: 6G और ग्रीन टेक पर नजर
फिनलैंड के प्रधानमंत्री के साथ वार्ता में नॉर्डिक क्षेत्र की तकनीक का लाभ उठाने पर सहमति बनी।
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फोकस एरिया: 6G तकनीक, बायोफ्यूल और सर्कुलर इकोनॉमी। भारत फिनिश नवाचार (Innovation) और भारतीय प्रतिभा (Talent) को जोड़कर भविष्य की अर्थव्यवस्था तैयार करेगा।
सर्बिया और क्रोएशिया: नए बाजारों की खोज
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सर्बिया: गुटनिरपेक्ष आंदोलन के पुराने साथी सर्बिया के साथ फिनटेक, कृषि और रक्षा में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।
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क्रोएशिया: एड्रियाटिक सागर क्षेत्र के इस देश के साथ लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में साझेदारी पर जोर दिया गया।











