बांग्लादेश में ‘लोकतंत्र’ की अग्निपरीक्षा: 12.77 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य; हिंसा और प्रतिबंधों के बीच मतदान जारी

“शेख हसीना के पतन के 18 महीने बाद, बांग्लादेश आज (12 फरवरी) अपने सबसे जटिल और महत्वपूर्ण आम चुनावों का गवाह बन रहा है”

ढाका/नई दिल्ली: ‘The Politics Again’ संतोष सेठ की रिपोर्ट 

सुबह 7:30 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 4:30 बजे तक चलेगा। इस बार चुनाव के साथ-साथ ‘जुलाई चार्टर’ के लिए संवैधानिक जनमत संग्रह भी हो रहा है, जिसके कारण मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है।

मुख्य चुनौतियां और विवाद

चुनावों की विश्वसनीयता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

मुख्य मुकाबला खालिदा जिया की ‘बीएनपी’ और ‘जमात-ए-इस्लामी’ के बीच माना जा रहा है।

हिंसा का साया

अगस्त 2024 के बाद से अल्पसंख्यकों (विशेषकर हिंदुओं) के खिलाफ 2,000 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं।

हालिया आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के पहले 10 दिनों में ही 58 हिंसक झड़पें हुई हैं, जिनमें पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया है।

सुरक्षा के लिए 92,500 सैन्य कर्मियों की तैनाती की गई है, जो 1971 के बाद सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था है।

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