PM Modi in Malaysia

भारत-मलेशिया के रिश्तों में नया अध्याय: 11 ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर, आतंकवाद पर मोदी का कड़ा संदेश- ‘कोई दोहरा मापदंड नहीं’

“भारत और मलेशिया ने रविवार को अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई पर ले जाते हुए भविष्य की रूपरेखा तय की”

कुआलालंपुर:”The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद, दोनों देशों ने डिजिटल तकनीक, रक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

सेमीकंडक्टर और डिजिटल क्रांति

वार्ता के दौरान सबसे बड़ा जोर भविष्य की तकनीकों पर रहा। दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक विशेष रूपरेखा समझौते (Framework Agreement) पर हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,

“कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में हमारी साझेदारी आर्थिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।”

इसके अलावा, द्विपक्षीय व्यापार के लिए स्थानीय मुद्राओं (भारतीय रुपया और मलेशियाई रिंगिट) के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी, जिसे पीएम इब्राहिम ने “उल्लेखनीय कदम” बताया।

आतंकवाद: ‘कोई समझौता नहीं’

सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,

“आतंकवाद पर हमारा संदेश साफ है—कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं (No Double Standards, No Compromise)।”

दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद सहित हर प्रकार के आतंक की निंदा की और खुफिया जानकारी साझा करने व समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।

UNSC में भारत की दावेदारी को मलेशिया का समर्थन

वैश्विक मंच पर भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत यह रही कि मलेशिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों के बाद भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपने पूर्ण समर्थन की घोषणा की।

पीएम अनवर इब्राहिम ने भारत की आर्थिक वृद्धि को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए शानदार बताया।

आसियान और हिंद-प्रशांत

पीएम मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आसियान-भारत व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा जल्द पूरी की जानी चाहिए।

साथ ही, पीएम मोदी ने मलेशिया में एक नया भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थापित करने की भी घोषणा की, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

अंत में, पीएम मोदी ने मलेशिया के ‘समृद्ध राष्ट्र’ के सपने और भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साथ मिलकर पूरा करने का आह्वान किया।

यह यात्रा दोनों देशों के बीच “रणनीतिक विश्वास” को गहरा करने में मील का पत्थर साबित हुई है।

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.