पश्चिम बंगाल के आसनसोल में पूर्व CPM नेता मोहम्मद सरफुद्दीन की गोली मारकर हत्या

पश्चिम बंगाल: चुनाव से पहले आसनसोल में खूनी खेल, नमाज पढ़ने जा रहे पूर्व CPM नेता की गोली मारकर हत्या

“पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है”

आसनसोल THE POLITICS  AGAIN संतोष सेठ की रिपोर्ट 

आसनसोल के हीरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत करीमडंगाल इलाके में पूर्व माकपा (CPM) नेता मोहम्मद सरफुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

यह सनसनीखेज वारदात उस वक्त हुई जब वे अहले सुबह अपने घर से नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जा रहे थे।

इस दुस्साहसिक हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना सुबह करीब 5 बजे की है। परिजनों के अनुसार, मोहम्मद सरफुद्दीन अपनी दिनचर्या के मुताबिक नमाज पढ़ने के लिए घर से निकले थे।

रास्ते में एक बाइक सवार अज्ञात हमलावर उनके पास से गुजरा। कुछ दूर जाने के बाद हमलावर ने यू-टर्न लिया और वापस आकर सरफुद्दीन का रास्ता रोक लिया।

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि हमलावर और सरफुद्दीन के बीच कुछ क्षणों के लिए हल्की झड़प और बहस हुई।

इसी दौरान हमलावर ने अचानक पिस्टल निकाली और सरफुद्दीन पर फायर झोंक दिया। गोली लगते ही वे जमीन पर गिर पड़े और उनके नाक-मुंह से भारी मात्रा में खून बहने लगा। वारदात को अंजाम देकर हमलावर बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गया।

परिजनों का दावा- कोई दुश्मनी नहीं थी

घायल अवस्था में परिजनों और स्थानीय लोगों ने सरफुद्दीन को आनन-फानन में आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक के भाई मोहम्मद जैनुल ने बताया कि सरफुद्दीन पांच भाइयों में से एक थे। उनका ग्रिल और रॉड का अच्छा खासा कारोबार था।

जैनुल के मुताबिक, “मेरे भाई की किसी से कोई निजी दुश्मनी या विवाद नहीं था। हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर किसने और क्यों इतनी बेरहमी से उनकी हत्या की।”

मृतक के भतीजे मोहम्मद सानू ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि चाचा खून से लथपथ पड़े थे और आसपास मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने हुए थे।

10 साल पहले छोड़ दी थी राजनीति

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद सरफुद्दीन एक समय इलाके में सीपीएम के काफी प्रभावशाली नेता माने जाते थे।

हालांकि, पिछले करीब 10 वर्षों से उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी और पूरी तरह से अपने ग्रिल-गेट के व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे।

राजनीति से दूर होने के बावजूद इलाके में उनकी अच्छी प्रतिष्ठा और सम्मान बना हुआ था।

जांच में जुटी पुलिस, पिस्टल बरामद

घटना की सूचना मिलते ही हीरापुर थाने की पुलिस और एसीपी इप्शिता दत्ता मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। मौके से पुलिस को एक पिस्टल और चला हुआ गोली का खोखा (कारतूस) बरामद हुआ है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और उसके आधार पर हमलावर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

चुनाव से ठीक पहले हुई इस हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के मकसद का अभी पता नहीं चल पाया है .

लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव और भय का माहौल है।

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