जौनपुर: प्रसाद इंजीनियरिंग कॉलेज में सजी ‘सड़क सुरक्षा की पाठशाला’: अधिकारियों ने दिए ‘सुरक्षित सफर’ के मंत्र
“देश भर में चल रहे ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ (01 जनवरी से 31 जनवरी 2026) के तहत जागरूकता अभियानों का सिलसिला जारी है”
जौनपुर/पचहटिया | The Politics Again ब्यूरो दिनांक: 23 जनवरी, 2026 (शुक्रवार)
इसी कड़ी में गुरुवार (22 जनवरी) को पचहटिया स्थित प्रसाद इंजीनियरिंग कॉलेज (Prasad Engineering College) में एक भव्य सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल छात्रों बल्कि समाज की धुरी माने जाने वाले चालकों और परिचालकों को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाना था।
100 से अधिक चालकों ने ली सुरक्षा की शपथ
कार्यशाला की सबसे बड़ी उपलब्धि इसमें चालकों और परिचालकों की भारी भागीदारी रही। संस्थान के 100 से अधिक ड्राइवरों और कंडक्टरों ने इस सत्र में हिस्सा लिया।
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शपथ ग्रहण: कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को यातायात नियमों का पालन करने, सीट बेल्ट लगाने, हेलमेट पहनने और नशामुक्त होकर वाहन चलाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
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जागरूकता सामग्री: कार्यशाला में आए लोगों को सड़क सुरक्षा से जुड़े पम्पलेट और साहित्य भी वितरित किए गए, ताकि वे दूसरों को भी जागरूक कर सकें।
अधिकारियों ने बताया- “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी”
कार्यक्रम में प्रशासन और यातायात विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने छात्रों और स्टाफ को सड़क सुरक्षा की बारीकियां समझाईं।
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सीओ ट्रैफिक गिरेन्द्र सिंह ने कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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एआरटीओ (प्रशासन/प्रवर्तन) सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बिना लाइसेंस वाहन न चलाने और ओवरस्पीडिंग से बचने की सलाह दी।
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चेयरमैन इं. वी.पी. यादव ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक वही है जो सड़क पर अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ख्याल रखे।
दिग्गजों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में संस्थान और प्रशासन के कई वरिष्ठ लोग उपस्थित थे:
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संस्थान की ओर से: चेयरमैन इं. वी.पी. यादव, रजिस्ट्रार इं. माधवी सिंह, और एमबीए विभागाध्यक्ष प्रमोद रावत।
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प्रशासन की ओर से: सीओ ट्रैफिक गिरेन्द्र सिंह, एआरटीओ सत्येन्द्र कुमार सिंह और यातायात निरीक्षक सुशील मिश्रा।
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संचालन: कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अवनीन्द्र विश्वकर्मा द्वारा किया गया।
The Politics Again का नज़रिया
शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं। जब छात्र और चालक एक साथ नियमों का पाठ पढ़ते हैं, तो इसका असर सड़क पर स्पष्ट दिखाई देता है। प्रसाद इंजीनियरिंग कॉलेज की यह पहल अन्य संस्थानों के लिए भी एक मिसाल है।











