भारत-UAE संबंधों का नया अध्याय: 2 घंटे की यात्रा, न्यूक्लियर डील और 200 बिलियन डॉलर का विजन; प्रोटोकॉल तोड़कर मोदी ने किया स्वागत
“कूटनीति में समय से ज्यादा अहमियत ‘इरादों’ और ‘नतीजों’ की होती है। यह बात सोमवार को तब साबित हुई जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) महज 2 घंटे की संक्षिप्त आधिकारिक यात्रा पर भारत आए”
नई दिल्ली | द पॉलिटिक्स अगेन ब्यूरो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर हुई इस यात्रा ने न केवल दोनों नेताओं की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को दर्शाया, बल्कि भारत और UAE के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नई कक्षा में स्थापित कर दिया।
इस हाई-प्रोफाइल विजिट में व्यापार से लेकर परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक कई बड़े फैसले लिए गए।
प्रोटोकॉल तोड़कर गले मिले दो दोस्त
जब शेख नाहयान का विमान दिल्ली के एयरपोर्ट पर उतरा, तो कूटनीतिक प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अपने ‘दोस्त’ का स्वागत करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिल कर एक-दूसरे का अभिवादन किया।
गिफ्ट डिप्लोमेसी: मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने भारतीय संस्कृति की झलक दिखाते हुए शेख नाहयान को दो खास तोहफे दिए:
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पश्मीना शॉल: कश्मीर की बेमिसाल कारीगरी का प्रतीक।
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नक्काशीदार लकड़ी का झूला: गुजरात की पारंपरिक कला का एक शानदार नमूना।
2032 का रोडमैप: 200 बिलियन डॉलर का ट्रेड टारगेट
बातचीत की मेज पर सबसे बड़ा फोकस इकोनॉमी पर रहा। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि दोनों देशों ने वर्तमान में 100 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का जश्न मनाया और भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया।
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नया लक्ष्य: साल 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 बिलियन डॉलर (दोगुना) तक पहुँचाना।
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समझौते: मीटिंग में व्यापार और निवेश से जुड़े 5 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
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GIFT सिटी में एंट्री: आर्थिक सहयोग को गहरा करते हुए UAE ने अपनी दो कंपनियों को गुजरात की ‘GIFT सिटी’ में ऑफिस खोलने की मंजूरी दे दी है।
बड़ी खबर: न्यूक्लियर और AI में महा-गठजोड़
इस यात्रा की सबसे बड़ी हेडलाइन ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र से आई है। भारत और UAE अब सिर्फ तेल और व्यापार के साथी नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक के पार्टनर बन गए हैं।
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परमाणु ऊर्जा समझौता: दोनों देश ‘एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी’ में सहयोग करेंगे। इसमें बड़े न्यूक्लियर रिएक्टरों के साथ-साथ छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) का विकास, संचालन और रखरखाव शामिल है।
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सुपरकंप्यूटिंग और डेटा एम्बेसी: UAE के सहयोग से भारत में एक ‘सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर’ स्थापित किया जाएगा। साथ ही, दोनों देश एक ‘डिजिटल या डेटा एम्बेसी’ बनाने की संभावना भी तलाशेंगे।
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AI समिट 2026: भारत फरवरी 2026 में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट’ आयोजित कर रहा है, जिसमें UAE ने उच्च स्तर पर भाग लेने की सहमति दी है।
रक्षा, सुरक्षा और संस्कृति
पीएम मोदी और राष्ट्रपति नाहयान के बीच रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर चर्चा हुई।
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स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग: दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और स्पेशल फोर्सेज के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम के विस्तार पर सहमति बनी।
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आतंकवाद पर वार: दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की। इसके अलावा, गाजा और यमन के हालात पर भी चिंता जाहिर की गई।
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अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’: सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती देने के लिए अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ स्थापित किया जाएगा, जिसमें एक अत्याधुनिक म्यूजियम होगा जो भारत की समृद्ध विरासत को दिखाएगा।
UAE: भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर
इस मुलाकात के मायने समझने के लिए हमें इन आंकड़ों पर नजर डालनी होगी जो बताते हैं कि UAE भारत के लिए कितना अहम है:
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ट्रेड वॉल्यूम: UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। वर्तमान में व्यापार 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है।
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निर्यात: भारत, UAE को सालाना करीब 63 बिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट करता है।
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निवेश: 2020 से अब तक UAE की कंपनियां भारत में 22 बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में 75 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा भी है।
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प्रवासी भारतीय: UAE में 43 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं, जो वहां की कुल आबादी का 35% हैं। पीएम मोदी ने भारतीयों के कल्याण के लिए शेख नाहयान के प्रयासों की विशेष सराहना की।
महज 120 मिनट की यह यात्रा भारत और UAE के रिश्तों में एक ‘क्वांटम जंप’ साबित हुई है। पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर अब यह साझेदारी परमाणु ऊर्जा, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के क्षेत्रों में प्रवेश कर चुकी है।












