सावधान! बिहार में ‘प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ के नाम पर बड़ी ठगी का खुलासा
“साइबर अपराधियों ने ठगी का एक ऐसा जाल बुना जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई”
विशेष ब्यूरो, नवादा | 11 जनवरी, 2026
नवादा जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सोशल मीडिया पर पुरुषों को ‘प्रेग्नेंट जॉब’ यानी बांझ महिलाओं को गर्भवती करने के बदले लाखों रुपये दिलाने का लालच देकर ठग रहा था। ‘The Politics Again’ की पड़ताल में सामने आया कि इस ‘गंदे खेल’ में देश भर के सैकड़ों युवक अपनी गाढ़ी कमाई लुटा चुके हैं।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
ठगों ने फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विज्ञापन फैलाए थे। विज्ञापन का स्लोगन था— “एक बांझ महिला को प्रेग्नेंट करें और लाखों रुपये कमाएं।”
बेरोजगारी और आसान पैसे के लालच में आकर युवक इनके जाल में फंस जाते थे। जैसे ही कोई युवक संपर्क करता, ठग उसे विश्वास में लेने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाते थे:
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रजिस्ट्रेशन फीस: शुरुआत में आवेदन के नाम पर कुछ हजार रुपये लिए जाते।
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होटल और सुरक्षा शुल्क: इसके बाद मीटिंग के लिए होटल बुकिंग और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर बड़ी रकम वसूली जाती।
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फर्जी कॉल: गिरोह की महिला सदस्य भी फोन पर बात कर युवकों को यकीन दिलाती थीं कि यह काम असली है।
पुलिस की कार्रवाई: एसआईटी का छापा
नवादा के एसपी अभिनव धीमान को हिसुआ थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एक विशेष एसआईटी (SIT) गठित की गई।
तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने हिसुआ के मनवां गांव में छापेमारी की और दो मुख्य आरोपियों— रंजन कुमार और देवनंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और पीड़ितों के डेटा बरामद किए हैं। इस मामले में 18 अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
पीड़ितों की चुप्पी ठगों की ढाल
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पीड़ितों की पहचान करना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदनामी और शर्मिंदगी के डर से शिकार हुए पुरुष शिकायत दर्ज कराने सामने नहीं आ रहे हैं। ठग इसी मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे थे।
The Politics Again की अपील:
“इंटरनेट पर ‘आसान पैसा’ या ‘अजीबोगरीब नौकरी’ के विज्ञापनों से सावधान रहें। कोई भी वास्तविक संस्था शारीरिक संबंधों के बदले पैसे देने का वादा नहीं करती। सतर्क रहें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।”











