तुर्कमान गेट मामला : जुमे की नमाज को लेकर हाई अलर्ट

“पुरानी दिल्ली का तुर्कमान गेट इलाका इन दिनों छावनी में तब्दील हो चुका है। नगर निगम द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रही”

नई दिल्ली 09 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

जिसके चलते पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। वहीं, आज शुक्रवार (जुमे की नमाज) को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा घेरे में पुरानी दिल्ली

जुमे की नमाज के दौरान किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए जामा मस्जिद और तुर्कमान गेट सहित पुरानी दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं।

मध्य रेंज के संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा और अतिरिक्त आयुक्त निधिन वल्सन खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

‘कर्फ्यू’ जैसा सन्नाटा और पाबंदियां

बृहस्पतिवार को पुलिस ने दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास के करीब 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया। स्थिति ऐसी थी कि:

  • सड़कें बंद: आसफ अली रोड और रणजीत सिंह मार्ग से तुर्कमान गेट की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।

  • मस्जिदों में ताले: सुरक्षा कारणों और बुलडोजर एक्शन के चलते दरगाह फैज-ए-इलाही और ‘बड़ी मस्जिद’ में बृहस्पतिवार को नमाज अता नहीं की जा सकी। हज मंजिल के पास स्थित बड़ी मस्जिद के रास्ते बंद होने के कारण वहां ताला लटका रहा।

स्थानीय लोगों में आक्रोश और दहशत

नगर निगम की इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में भारी डर और नाराजगी देखी जा रही है।

  • गिरफ्तारी के आरोप: क्षेत्रवासियों ने दावा किया है कि पुलिस ने उपद्रव की आशंका में अब तक लगभग 50 युवकों को हिरासत में लिया है।

  • कार्रवाई पर सवाल: दबे स्वर में कुछ लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को गलत बताया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल अतिक्रमण हटाने का काम किया जा रहा है और किसी भी बेकसूर व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए रची गई थी मस्जिद टूटने की साजिश की अफवाह 

मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही के पास हुए बवाल में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हिंसा मामले में 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या 11 हो गई है। पुलिस ने अब तक 50 से अधिक उपद्रवियों की पहचान कर ली है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए नए आरोपियों की पहचान अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद के रूप में हुई है। इनके साथ ही एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि ये लोग इलाके में भीड़ को उकसाने और हिंसा में सक्रिय रूप से शामिल थे।

व्हाट्सएप ऑडियो संदेशों ने भड़काई आग

पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि व्हाट्सएप समूहों (WhatsApp Groups) में प्रसारित भ्रामक ऑडियो संदेशों ने इसमें ‘घी का काम’ किया।

  • क्या थी अफवाह: संदेशों में दावा किया जा रहा था कि “प्रशासन दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद को तोड़ने जा रहा है।”

  • पुलिस की मुस्तैदी: जैसे ही पुलिस को इन अफवाहों का पता चला, एसीपी और एसएचओ स्तर के अधिकारियों ने तुरंत ‘अमन समिति’ के सदस्यों और स्थानीय धार्मिक नेताओं से संपर्क किया।

  • वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद धर्मगुरुओं को भरोसा दिलाया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा। इस त्वरित कार्रवाई से भीड़ को काफी हद तक सीमित रखने में मदद मिली।

रडार पर 4 से 5 व्हाट्सएप ग्रुप

पुलिस की साइबर सेल अब उन चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप्स की कड़ी निगरानी कर रही है जहाँ से ये संदेश प्रसारित हुए थे। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि:

  1. क्या ये अफवाहें पहले से सुनियोजित (Pre-planned) थीं?

  2. इन ग्रुपों के एडमिन कौन हैं और ऑडियो मैसेज का स्रोत क्या है? अधिकारियों के अनुसार, घटना से ठीक पहले किसी नए ग्रुप के बनने के संकेत तो नहीं मिले हैं, लेकिन पुराने ग्रुपों के डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।

आगे क्या?

पुलिस प्रशासन का कहना है कि जब तक अवैध अतिक्रमण पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, तब तक इलाके में घेराबंदी जारी रहेगी। फिलहाल पूरे मध्य दिल्ली में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह न फैले।

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