बांग्लादेश : संसद भवन में घुसी भीड़, “क्या बांग्लादेश में फिर तख्तापलट होगा?”
“बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से जारी तनाव अब एक बड़े संकट में बदल गया है। छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा की आग भड़क उठी है”
ढाका/सिलहट 21 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
शनिवार को ढाका में उस समय स्थिति अनियंत्रित हो गई जब हादी के अंतिम संस्कार के बाद हजारों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद भवन (जातीय संसद) पर धावा बोल दिया।
चुनावी अभियान के दौरान हुई थी हत्या
विवाद की जड़ 12 दिसंबर की वह घटना है, जब सेंट्रल ढाका के बिजोयनगर इलाके में चुनावी कैंपेन कर रहे उस्मान हादी को नकाबपोश बंदूकधारियों ने बेहद करीब से सिर में गोली मार दी थी। हादी फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनाव के लिए ढाका-8 सीट से दावेदारी पेश कर रहे थे।
गंभीर हालत में उन्हें सिंगापुर ले जाया गया, जहाँ गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही राजधानी ढाका के शाहबाग और आसपास के इलाके युद्ध के मैदान में तब्दील हो गए।
संसद भवन में घुसपैठ और हिंसक प्रदर्शन
शनिवार दोपहर हादी को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
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उत्तेजित भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाए गए कंक्रीट के बैरिकेड्स गिरा दिए।
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प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए संसद भवन परिसर के अंदर घुस गए।
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राजधानी के मुख्य मार्ग और शाहबाग चौराहे को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया, जिससे शहर की रफ्तार थम गई।
राजनीतिक बयानबाजी और चुनाव टलने की आशंका
इस हिंसा ने राजनीतिक गलियारों में भी भूचाल ला दिया है। पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने एक विवादित बयान देते हुए हादी को ‘कट्टरपंथी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार जानबूझकर हिंसा को हवा दे रही है ताकि देश में अस्थिरता पैदा हो और फरवरी 2026 के चुनावों को टाला जा सके।
दूसरी ओर, मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हत्या के पीछे ‘विदेशी ताकतों’ और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का हाथ है।
अल्पसंख्यकों को बनाया जा रहा निशाना
इस राजनीतिक हिंसा की आड़ में बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले तेज हो गए हैं।
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दीपू चंद्र दास की हत्या: मयमनसिंह में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई।
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गिरफ्तारियाँ: इस जघन्य हत्याकांड में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 7 को रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने दबोचा है।
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भारत में विरोध: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
भारतीय दूतावासों की सुरक्षा कड़ी
बढ़ते भारत-विरोधी नारों और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए भारतीय सहायक उच्चायोग (सिलहट) और ढाका स्थित वीजा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। सिलहट पुलिस के अनुसार, यह कदम किसी भी ‘तीसरे पक्ष’ की घुसपैठ या हमले को रोकने के लिए उठाया गया है।











